रायगढ़ 24 Nov, (rns) । रायगढ़ पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस रैकेट के मास्टरमाइंड सहित चार आरोपियों को श्रीनगर से पकड़ने में सफलता पाई। यह गिरोह यूट्यूब पर विज्ञापन चलाकर भारी मुनाफे का झांसा देता था और देशभर में अब तक 200 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुका है।
ढिमरापुर के एक उद्योगकर्मी दंपत्ति ने शेयर ट्रेडिंग के प्रचार वीडियो पर भरोसा कर एक लिंक के माध्यम से संपर्क किया। “यूके इंडिया चैनल” से जुड़े बताने वाले कॉलर ने उन्हें एक ऐप इंस्टॉल कराया और निवेश कराना शुरू किया। 20 मई से 30 अगस्त तक पीड़ितों ने अलग-अलग खातों में 1 करोड़ 08 लाख 44 हजार 25 रुपये जमा कर दिए। जुलाई में एकमुश्त 32 लाख रुपये जमा करने पर ऐप में उनकी रकम 42 करोड़ दिखाई गई। पैसे वापस मांगने पर 5 लाख रुपये अतिरिक्त “ब्रोकरेज” मांगा गया, जिसे दंपत्ति ने जमा भी कर दिया। इसके बाद कॉलर गायब हो गया और पीड़ितों ने 7 सितंबर को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसपी दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश पर साइबर सेल और कोतवाली टीम ने बैंक लेनदेन और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि पीड़ित के 32.50 लाख रुपये श्रीनगर निवासी यासीर शॉफी चारलू के खाते में ट्रांसफर हुए थे। पुलिस टीम ने श्रीनगर में दबिश देकर यासीर को पकड़ा। पूछताछ में उसने मेहराज असाई का नाम उजागर किया। आगे कार्रवाई में मेहराज, उसका बेटा अर्शलान और साकीब फारूखदार भी गिरफ्तार कर लिए गए।
**गिरफ्तार आरोपियों की पहचान —**
पुलिस अब गिरोह के अन्य सहयोगियों और देशभर में हुई ठगी की श्रृंखला की जांच में जुटी है।

