बिलासपुर 26 नवंबर 2025(आरएनएस) राजीव गांधी चौक से लेकर सरकंडा महामाया चौक तक लंबा फ्लाईओवर जल्द आकार लेगा। सेतु निगम विभाग ने डिजाइन तैयार कर ली है। पत्थर तलाश व अन्य कार्यों के लिए सर्वे का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। फ्लाईओवर बनने से राजीव गांधी चौक पर आकर सरकंडा या रतनपुर क्षेत्र जाने वाले वाहन इस मार्ग के तीन सिग्नलों मंदिर चौक, नेहरू चौक व महामाया चौक को बाइपास करते हुए निर्वाध रूप से निकल जाएंगे। वंहीं, नीचे पुरानी सड़क पर भी निर्माण से चौड़ाई पर ज्यादा असर नहीं होगा, जिससे बिना बाधा के यातायात चलती रहेंगी। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। शासन से अनुमति मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अधिकरियों के अनुसार, फ्लाईओवर की शुरुआत राजीव गांधी चौक से होगी और यह राजेंद्र नगर चौक, मंदिर-चौक, नेहरू चौक होते हुए महामाया चौक तक पहुंचेगा। इसके बाद इसे दो दिशाओं में विस्तारित किया जाएगा। इससे मुख्य सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा। नया फ्लाईओवर बनने में लगभग 1,730 करोड़ रुपये की लागत आएगी। फ्लाई ओवर बन जाने से शहर को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी, खासकर पिक आवर्स में। ज्ञात हो बीते कुछ वर्षों में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर लगातार लोड बढ़ता ही जा रहा है। खासतौर पर शाम के समय राजीव गांधी चौक से लेकर महामाया चौक तिराहे व पास के चौराहों पर लंबा जाम लग जाता है। फ्लाईओवर के निर्माण से न सिर्फ ट्रैफिक का दबाव कम होगा बल्कि सड़क हादसों की आशंका भी घटेगी।।प्रस्तावित फ्लाईओवर महामाया चौक के पासवर्ड सेप में दोनों ओर से आगे बढ़ेगा।
शहर के बीचों-बीच बनती है रोज जाम की स्थिति
राजीव गांधी चौक, मंदिर चौक, नेहरू चौक और महामाया चौक पर रोजाना सुबह और शाम जाम लगना आम बात है। वाहनों की लंबी कतारे, रंगती ट्रैफिक और बढ़ती परेशानी ने लोगों को हलकान कर रखा है। फ्लाईओवर बनने से रोजमर्रा की दिक्कत से शहरवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
शासन को स्वीकृति हेतु डीपीआर भेजा गया
स्वीकृति का इंतजार अधिकारियों का कहना है कि कार्ययोजना व डिजाइन तैयार हो चुकी है। शासन को डीपीआर भेजा गया है, शासन से जल्द मंजूरी मिल सकती है. डीपीआर आने के बाद योजना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। राजीव गांधी चौक से महामाया चौक तक बनने वाले फ्लाईओवर के निर्माण पूर्ण होने के बाद लोगों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि जिसे राजीव गाधी चौक से सरकंडा जाना होगा वह सीधे चला जाएगा। इससे इंदिरा सेतु ब्रिज पर भी यातायात का दबाव कम होगा व जाम की स्थिति निर्मित नहीं होगी।

