बिलासपुर 27 नवंबर 2025(आरएनएस) स्टेशन पार चुचुहियापारा में पांच साल पहले स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए यूटीएस और एफओबी को बनाया गया था, अब उसे अब तोड़ने का निर्णय लिया गया है। इस कार्य को करने के लिए रेल प्रशासन ने एफओबी के रास्ते और यूटीएस कार्यालय को गुरुवार से अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दे दिया है।
स्टेशन पार निवासियों को थी दिक्कत
स्टेशन के दूसरे छोर पर चुचुहियापारा की ओर रहने वाले लोगों को रेल प्रशासन से किसी तरह की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। इसके कारण ट्रेन में सफर करने वालों को टिकिट खरीदने के लिए लाइन पार कर आना पड़ रहा था। लोग प्लेटफार्म नम्बर 4-5 से एफओबी या फिर लाइन पार करते हुए एक नम्बर प्लेटफार्म तक पहुंचते थे, जिसमें कई बार टीटीई और आरपीएफ की कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। स्थानीय लोगों के साथ जनप्रतिनिधियों ने कई बार लाइन पार यानि चुचुहियापारा की ओर आरक्षण और अनारक्षित काउंटर के साथ अन्य सुविधाएं देने की मांग रेल प्रशासन के सामने की थी।
फिर से पुनर्निर्माण किए जाने का निर्णय
करीब चार से पांच करोड़ रुपए की लागत से चुचुहियापारा की और गजरा चौक के पास जनरल टिकिट काउंटर जिसमें दो खिड़की के साथ लोगों के एक छोर से दूसरे छोर की ओर आने जाने के लिए फुट ओवरब्रिज रैंप व सीढ़ी सहित व अन्य कार्य किया गया। यात्रियों के लिए करोड़ों रुपए की लागत से बने अनारक्षित टिकिट काउंटर की बिल्डिंग और अन्य कार्यों के चार साल बाद अब तोड़े जाने का निर्णय रेल अफसरों ने लिया है। इसके लिए सड़क के किनारे शेड लगा दिया गया है, जहां से आवागमन अब पूरी तरह से बंद हो चुका है। रेलवे के अनुसार अमृत भारत स्टेशन योजना में बिलास्त्पुर स्टेशन को 400 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकसित किया जा रहा है।
क्या-क्या सुविधा निर्मित होंगी
इसके अंतर्गत द्वितीय प्रवेश द्वार सेकेंड एंट्री में यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा हेतु स्टेशन और द्वितीय प्रवेश द्वार को जोड़ने वाली फुट ओवरब्रिज में मॉडिफिकेशन कार्य होगा, जिसके कारण 27 नवम्बर गुरुवार से से यह ब्रिज और टिकिट काउंटर अस्थायी रूप से बंद किया जाएगा। ब्रिज बंद होने के बाद लोग मुख्य प्रवेश द्वार का उपयोग आने-जाने के लिए कर सकते हैं।

