बिलासपुर 27 नवंबर 2025(आरएनएस) मल्हार स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में दसवीं कक्षा के की छात्र की मौत के बाद छात्रों का आक्रोश बुधवार को भड़क गया। छात्र-छात्राओं ने लापरवाही का ने आरोप लगाते हुए स्कूल गेट के सामने विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया दिया और दिन भर धरने पर बैठे रहे। छात्र कलेक्टर को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, कलेक्टर संजय ने अग्रवाल ने छात्र की मौत को गंभीर माना और मस्तूरी एसडीएम को जांच कर रिपोर्ट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
मामला मल्हार स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय का है जहाँ छात्र हर्षित यादव की मौत के बाद अन्य छात्रों ने भी इलाज में देरी और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। नाराज छात्र और छात्राएं प्रबंधन के खिलाफ बुधवार को नारेबाजी करते हुए सड़क पर उतर आए। इसके बाद स्कूल गेट के बाहर बैठकर धरना-प्रदर्शन करने लगे। उनका कहना है कि हर्षित की तबीयत बिगड़ने पर न समय पर इलाज मिला और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई। समय रहते उसका इलाज होता तो उसकी जान बच जाती। लेकिन, प्रबंधन की लापरवाही और मनमानी के चलते उसकी हालत गंभीर होती चली गई। समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई।
मजबूर पिता बाइक पर बैठाकर ले गए
बीमार छात्र के समुचित उपचार प्रबंधन के लिए प्रबंधन द्वारा टाल मटोल का रवैया अपनाया गया , जिससे मजबूरी में पिता ने बेट को कपड़े से बांधकर बाइक पर बैठाया और बिलासपुर के एक निजी अस्पताल ले गए जहाँ उन्हें बताया गया कि उसे पीलिया है और इलाज में देर नही होनी चाहिए। तबियत ठीक होने के बाद पिता हर्षित को घर ले आए। रविवार को हर्षित घर पर ही रहा लेकिन सोमवार सुबह उनकी हालत फिर बिगड़ गई।
हॉस्टल की हालत बहुत खराब
सूत्रों के अनुसार होस्टल की हालत बहुत खराब है। टायलेट टूटे हुए हैं.गंदगी की सफाई नही होती, नल नहीं चलते और सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। 500 छात्र के लिए सिर्फ तीन स्थाई कर्मचारी है, जिसके कारण हॉस्टल और शौचालयों में हमेशा गंदगी और बदबू बनी रहती है। ज्ञात हो छात्रों की प्री-बोर्ड परीक्ष चल रही है, फिर भी उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध करन पड़ रहा है।
स्कूल में बेहद घटिया स्तर का भोजन
छात्रों ने आरोप लगाया कि स्कूल में बेहद घटिया स्तर का भोजन दिया जाता है। दाल के नाम पतला पानी रहता है और दाल नहीं रहती। वहीं, सब्जी में केवल आलू परोसा जाता है जिसे छात्रों को मजबूरी में खाना पड़ता है। छात्रों ने बताया कि इसकी कई बार स्कूल प्रशासन से शिकायत की गई लेकिन उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया गया उलटे शिकायत करने पर डांटकर चुप करा दिया जाता था।
नवोदय प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग
हर्षित के पिता जयप्रकाश यादव ने बताया कि स्कूल ने उनके पुत्र की तबियत बिगडने की जानकारी देर से फोन पर जानकारी दी। जब हालत बहुत खराब हो गई तभी उन्हें फोन किया गया। इसके पूर्व समय पर न इलाज मिला और न ही स्कूल प्रबंधन ने उसे अस्पताल ले जाने में कोई गंभीरता दिखाई। उन्होंने नयोदय प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कदम उठाए जाए, ताकि किसी और पिता को यह सब देखना न पडे।
00 यह एक छात्र की मौत का मामला है और यह बहुत गंभीर है। इस मामले की जांच के लिए मस्तूरी एसडीएम को निर्देशित किया गया है। उन्हें जांचकर मामले की रिपोर्ट सबमिट करने कहा गया है।
– संजय अग्रवाल, कलेक्टर बिलासपुर

