अजमेर ,27 नवंबर(आरएनएस)। अजमेर के दौराई रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होता दिखा, जब मारवाड़–अजमेर पैसेंजर ट्रेन के दो जनरल कोच पटरी से उतर गए। एक कोच दूसरे के ऊपर चढ़ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रारंभिक सूचना में कई यात्रियों के घायल होने और कैजुअल्टी की बात सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कुछ देर में कोच में फंसे घायलों को बाहर निकाल लिया गया। सभी घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया और उन्हें अस्पताल भिजवाया गया। रेस्क्यू टीमों के पहुंचने पर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अधिकारी भी मौके पर जुट गए। लेकिन कुछ देर बाद राहत की खबर सामने आई—यह पूरा घटनाक्रम दरअसल रेलवे और एनडीआरएफ की संयुक्त मॉकड्रिल थी। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी गंभीर रेल दुर्घटना की स्थिति में रेस्क्यू टीमों की तत्परता, समन्वय और उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच करना था।
मॉकड्रिल के दौरान रेलवे की ओर से डीआरएम राजू भूतड़ा, एडीआरएम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। भूतड़ा ने बताया कि एनडीआरएफ की ओर से हर वर्ष एक बड़ी एक्सरसाइज की जाती है, जिसमें वास्तविक हादसे जैसी परिस्थितियों में घायलों को निकालने, शवों को सुरक्षित तरीके से बाहर लाने और रेस्क्यू वर्कर्स की स्किल को परखा जाता है।
अजमेर में हुआ यह अभ्यास रेलवे और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जिसने मौके पर मौजूद अधिकारियों और यात्रियों दोनों को यह भरोसा दिया कि किसी भी वास्तविक आपदा में रेस्पॉन्स सिस्टम पूरी तरह सक्रिय और सक्षम है।
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