देहरादून,27 नवंबर (आरएनएस)। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) के विश्व आपदा प्रबंधन शिखर सम्मेलन और 20वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी सम्मेलन में आपदा प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण, जलवायु परिवर्तन समेत कई विषयों पर मंथन किया जाएगा। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में शुक्रवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के साथ ही हिमालय राज्य के विशेषज्ञ प्रतिभाग भी करेंगे। गुरुवार को दून के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि यह सम्मेलन हिमालयी क्षेत्र की पारिस्थितिकी संवेदनशीलता को ध्यान रखकर किया जा रहा है। इसमें वैश्विक विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिक संस्थानों, नवोन्मेषकों, युवा नेतृत्व, आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों और समुदाय प्रतिनिधियों को को एक मंच पर लाकर मंथन किया जाएगा। कहा कि सम्मेलन के शुभारंभ सत्र के अध्यक्ष मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेन्द्र सिंह होंगे। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल निशंक और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट आथोरिटी के सदस्य डा. डीके असवाल मुख्य वक्ता रहेंगे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह होंगे। सम्मेलन में उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा प्रसार सम्मान, भागीरथ पुरस्कार और उत्तराखंड युवा महिला वैज्ञानिक पुरस्कार दिए जाएंगे। राज्य के सभी 13 जिलों से टीमें वैज्ञानिक क्विज, नवाचार प्रदर्शनी, आपदा प्रतिक्रिया चुनौतियों और जलवायु समस्या समाधान प्रतियोगिताओं में भाग लेंगी। इस मौके पर यूकॉस्ट के प्रबंधक जनसंपर्क अमित पोखरियाल, संयुक्त निदेशक एवं आयोजन सचिव डा. डीपी उनियाल, आयोजन सचिव विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन प्रहलाद अधिकारी और पुनीत सिंह मौजूद रहे।
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