0 छिन्दगढ़ विकासखंड के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में व्यवस्थाएँ दुरुस्त
0 कटाई–मिजाई पूरी न होने से किसान स्वयं नहीं पहुँचे तौल के लिए
सुकमा, 28 नवंबर (आरएनएस)। स्थानीय समाचार पत्र में छपे विरोध प्रदर्शन संबंधी समाचार पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने छिन्दगढ़ विकासखंड के छिन्दगढ़ (रानीबहाल), कांजीपानी, बिरसठपाल, कोडरीपाल, नेतानार और गुडरा धान उपार्जन केन्द्रों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने बताया है कि जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में प्रारंभिक व्यवस्थाएँ पूरी तरह सुनिश्चित कर ली गई हैं, जिससे किसानों को खरीदी में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। जिला प्रशासन द्वारा फड़ की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कंप्यूटर सेट, इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बायोमेट्रिक मशीन, आद्र्रतामापी यंत्र, बारदाना, डेनेज तिरपाल, हमाल व्यवस्था सहित सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं।
समाचार में उठाए गए मुद्दों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने किसानों के लिए 27 नवंबर 2025 को टोकन भी जारी किया था। कांजीपानी के किसान महादेव सिंह, गोंडसाय नेगी, सुखराम नेगी तथा धान उपार्जन केन्द्र छिन्दगढ़ के किसान लखमाराम नाग, देवाराम, हडमा सोडी को तौल की वैध सूचना प्रदान की गई थी। हालांकि, जब वे निर्धारित तिथि पर धान लेकर केन्द्र नहीं पहुँचे, तो संपर्क करने पर स्वयं किसानों ने बताया कि टोकन अवधि तक खेतों में धान की कटाई और मिजाई का कार्य पूरा नहीं हो पाया, जिस कारण वे धान विक्रय की स्थिति में नहीं थे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी की सभी व्यवस्थाएँ पूरी तरह सक्रिय एवं सुचारू हैं। किसानों को टोकन समिति तथा तुहर हाथ टोकन ऐप के माध्यम से स्वयं टोकन निकालने की सुविधा लगातार उपलब्ध है। जिले में 31 जनवरी 2026 तक धान उपार्जन किया जाएगा।
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