नईदिल्ली,29 नवंबर। अमेजन और फ्लिपकार्ट के साथ मुकाबला करने वाला भारतीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो लगभग 6.06 करोड़ डॉलर (5,400 करोड़ रुपये) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लॉन्च करने के लिए तैयार है। दावा किया जा रहा है कि यह देश में सबसे बड़ी ई-कॉमर्स लिस्टिंग होगी। टेक शेयरधारकों के नकदी निकालने के वैश्विक रुझानों के बावजूद सॉफ्टबैंक और प्रोसस जैसे महत्वपूर्ण समर्थक अपनी हिस्सेदारी बनाए रख रहे हैं, जो देश के तेजी से बढ़ते ऑनलाइन खुदरा बाजार में विश्वास संकेत देता है।
10 साल पुराना यह स्टार्टअप शेयरों की कीमत 105-111 रुपये/शेयर रखने की योजना बना रहा है, जिससे 42.50 अरब रुपये की नई पूंजी और कुछ शेष राशि द्वितीयक बिक्री के जरिए जुटाई जाएगी। इससे मीशो का निर्गम के बाद का मूल्यांकन लगभग 501 अरब रुपये हो जाएगा। यह मीशो को फ्लिपकार्ट से आगे रखता है, जो अगले साल आईपीओ की योजना बना रहा है और अमेजन से भी, जो अपने भारतीय परिचालन को अलग करने पर विचार कर सकता है।
मीशो के कुछ शुरुआती शेयरधारक आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, जिसमें एलिवेशन कैपिटल अपनी हिस्सेदारी का लगभग 4 फीसदी, सिकोइया कैपिटल की स्पिन-ऑफ पीक एक्सवी पार्टनर्स लगभग 3 फीसदी और वाई कॉम्बिनेटर लगभग 14 फीसदी हिस्सेदारी बेच रहा है। सॉफ्टबैंक, प्रोसस और फिडेलिटी सहित बड़े समर्थक कोई शेयर नहीं बेच रहे हैं। ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, सह-संस्थापक विदित आत्रे और संजीव कुमार संयुक्त रूप से 3.2 करोड़ शेयर बेचेंगे, जिससे अन्य शेयरधारकों की भरपाई होगी।
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