बिलासपुर 1 दिसंबर 2025(आरएनएस) सिम्स के एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी सेंटर संभाग का दो जिलों में लिंक एआरटी सेंटर खुल गया है। इसकी शुरूआत विश्व एड्स दिवस के अवसर पर 1 दिसंबर से हो चुकी है, जिससे दुरस्त मरीजों को इलाज व दवा के लिए सिम्स आने की मजबूरी से छुटकारा मिल सकेगा।सिम्स द्वारा चलाए जा रहे एआरटी सेंटर से एड्स के मरीजों को हर दिन दवा का वितरण किया जाता है। हाल ही में जिला अस्पताल के साथ ही केन्द्रीय जेल, जांजगीर और मुंगेली में खोला गया है, लेकिन अब पेंड्रा और कोरबा के कटघोरा में भी लिंक एआरटी सेंटर खोला जाएगा। जहां 6 माह तक एड्स के मरीजों को दवा मिलेगी और उन्हें सिम्स नहीं आना पड़ेगा। दोनों की अलग जिले है और इसकी दूरी 80 से 120 किमी है। खास बात यह है – कि लिंक एआरटी में एड्स की दवा मुहय्या कराकर संक्रमण का इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है, 10 माह में 562 मरीज लगातार दवा ले रहे हैं। एआईवी के मरीजों को टीबी होने की आशंका रहती है, जिससे मृत्यु भी हो रही है, ऐसे में लिंक एआरटी सेंटरों में अब टीबी के दवा भी मुफ्त में दी जाती है। इस साल ऐसे 54 मरीजों की पहचान की गई है और उन्हें दवा भी दी जा रही है। सिम्स में स्थापित एआरटी सेंटर न केवल बिलासपुर बल्कि बिलासपुर संभाग के लिए उम्मीद की किरण बन चुका है।
हाल ही में बढ़े हैं मरीज
जांच में सामने आया है कि गौरेला पेंड्रा मारवाही में एआईवी मरीजों के साथ साथ आईडीयू के मरीज मिल रहे है। मरीज दवा लेने सिम्स आते है लेकिन आने में होने वाली दिक्कतों के कारण मरीज सही तरह से दवा नहीं ले पाते है। ऐसे में राज्य एड्स नियंत्रण समिति द्वारा लिंक एआरटी बनाया जा रहा है। वर्तमान में पेंड़ा में 210 एचआईवी ग्रसित मरीज हैं। यहाँ के
डाक्टर और स्टाफ की बदौलत मुंगेली, बेमेतरा, कोरबा, जांजगीर चांपा, बलौदाबाजार, जशपुर, कबीरधाम, गौरेला पेंड्रा मारवाही, कोरिया, रायगढ़, सारंगढ़, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर के मरीजों को इलाज कराया जा रहा है।
इस तरह दी जाती है दवा
एआरटी सेंटरों में प्रारंभिक जांच के बाद ही दवा दी जाती है। उम्र व वजन के हिसाब से अलग-अलग दवाईयां उपलब्ध होती है। एक लंबे समय तक दवा लेने से कुछ मरीजों में लापरवाही पूर्वक दवा खाने या किसी अन्य कारणों से दवा का असर कम होने लगता है, ऐसी स्थिति में आगे के इलाज केलिए जांच रिपोर्ट को रायपुर स्थित मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। इसके बाद अल्टरनेटिव फर्स्ट लाइन, सेकेंड लाइन या थर्ड लाइन की दवा दी जाती है। साथ ही दूरस्थ स्थित मरीजों बस पास की सुविधा दी जा रही है।
मिलेगी नियमित दवा
लिंक एआरटी सेंटर दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बनाया जाता है, इसका उद्देश्य मरीजों को जल्द से जल्द दवा उपलब्ध कराना है। केन्द्रीय जेल और जिला अस्पताल की तरह ही पेंड्रा और कटघोरा में भी लिंक एआरटी सेंटर खोला जा रहा है, 1 दिसंबर से मरीजों को नियमित दवा मिल सकेगी।
– डॉ प्रभात श्रीवास्तव, सिम्स
– नोडल अधिकारी,

