बिलासपुर 1 दिसंबर 2025(आरएनएस)लालखदान रेल हादसे के मामले में सीआरएस में अंतिम अभियुक्त महिला असिस्टेंट लोको पायलट से पूछताछ कर अपनी जांच पूरी कर ली है, जिनकी रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर मिलने की संभावन है। बिलासपुर से झारसुगुड़ा के बीच चौथी लाइन का काम करने के साथ ही आटोमेटिक सिग्नलिंग का भी कार्य किया गया है, ताकि ट्रेनों की टक्कर नहीं हो सके। आटोमेटिक सिग्नलिग यानि एक लाइन पर एक साथ तीन ट्रेन मालगाड़ियां या यात्री ट्रेनों को करीब एक किलोमीटर के अंतराल में चलाया जा सकता है। इसकी पूरी आपरेटिंग आनलाइन की जा रही है। रेलवे की यह योजना चार नवम्बर को पूरी तरह से फेल हो गई ,जब आटोमेटिक सिग्नलिंग के चक्कर में दो यलो सिग्नल देखने के बाद एक लोकल के चालक के अप लाइन पर ट्रेन आगे बढ़ा दी, जो उसी लाइन पर खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई थी।
क्या था मामला
यह हादसा चार नवम्बर को हुआ था। गतौरा से बिलासपुर स्टेशन के बीच आ रही कोरचा बिलासपुर लोकल मेमू के चालक को गतौरा से ट्रेन छूटने के बाद लालखदान के पहले रेड सिग्नल दिखा, जिसके उपरांत उन्होंने ट्रेन को रोक दिया। लालखदान मोड़ के पास अचानक चालक ने दूसरे लाइन के दो यलो सिम्बल देखा और ट्रेन को 70 किलोमीटर प्रति रफ्तार से आगे बढ़ा दिया। यह ट्रेन अप लाइन पर चल पड़ी जहां पहले से ही कोयला लोडेड मालगाड़ी खड़ी हुई थी। जिसके बाद एक बड़ा रेल हादसा हो गया जिसमें चालक सहित कई यात्रियों की जान चली गई।

