भोपाल 2 दिसंबर (आरएनएस)। एमपी विधानसभा शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने किसानों के मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक हाथों में अलग अलग स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे और गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया। तख्तियों पर लिखा था- ‘किसानों की चिडिय़ा बन खेत चुग रही सरकारÓ, अन्य पोस्टर में लिखा था ‘किसान के नाम पर सत्ता टिकाई, अब उसी किसान को भावांतर में डुबाईÓ और ‘मिट्टी में मिला सरकारी सपना, कर्ज में डूबता किसान अपना।Ó
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य विधायकों ने झांकी के साथ नारेबाजी करते हुए कहा कि किसान का संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों के लिए न लाइनें खत्म हो रही हैं और न ही चक्कर। कभी खाद के लिए किसान लाइन में खड़ा मिलता है, तो कभी मुआवजे के लिए भटकता नजर आता है।
उन्होंने कहा कि सरकार के दस घंटे बिजली देने के दावे झूठे हैं, क्योंकि किसानों को आठ घंटे की बिजली भी व्यवस्थित रूप से नहीं मिल रही। बीच-बीच में ट्रिपिंग, वोल्टेज की समस्या और बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
उमंग सिंघार ने आगे कहा कि उपज का मूल्य भी इतना कम है कि किसान अपना खर्च तक नहीं निकाल पा रहा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्याज थोक बाजार में 150 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है, जो किसानों के लिए बेहद निराशाजनक स्थिति है।
ऐसे हालात में किसान सड़क पर उतरकर संघर्ष कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष केवल भावांतर योजना का ढिंढोरा पीट रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार रूपी चिडिय़ा पहले ही किसानों के खेत साफ कर चुकी है।

