भोपाल 2 दिसंबर (आरएनएस)।मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को वीआईटी विश्वविद्यालय को लेकर जमकर हंगामा हुआ। लंच के बाद विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सीहोर जिले के वीआईटी विश्वविद्यालय में हुई मारपीट और आगजनी की घटना को लेकर विधायक दिनेश जैन ‘बोसÓ ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बताया कि विश्वविद्यालय को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है, इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
विधायक जैन ने मजिस्ट्रेट जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की, साथ ही छात्रों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने की भी बात कही। मंत्री परमार ने कहा कि 4 हजार छात्रों का सड़क पर आना गंभीर मामला है, सरकार इसे गंभीरता से ले रही है और आगे सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उप नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने आरोप लगाया कि वीआईटी विश्वविद्यालय में हनुमान जी का नाम लेने पर छात्रों से 5 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। कटारे ने सवाल उठाया कि जब सीएमएचओ को विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया गया, तो शासकीय कार्य में बाधा का मामला अब तक दर्ज क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगर कलेक्टर और सीएमएचओ चाहें तो धार्मिक भावनाएं भड़काने और शासकीय कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में विश्वविद्यालय प्रबंधन पर केस दर्ज कराया जा सकता है। उन्होंने वीआईटी कॉलेज में हिंसा को छोटा ‘जेन जी आंदोलन बताया।
विधायक महेश परमार ने हनुमान चालीसा का पाठ करने पर सजा देने के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विश्वविद्यालय में प्रशासक नियुक्त कर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से विधायकों की एक कमेटी गठित करने का भी आग्रह किया।
इस पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विश्वविद्यालय को जो कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उसका उद्देश्य ही यह है कि सरकार आवश्यक होने पर विश्वविद्यालय को अपने नियंत्रण में लेकर कठोर कार्रवाई करे। मंत्री परमार ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी विश्वविद्यालय के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई नहीं हुई होगी, जैसी इस मामले में की जाएगी।

