देहरादून 3 दिसंबर (आरएनएस)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) की स्वीकृति के क्रम में राजभवन को आधिकारिक रूप से नया नाम ”लोक भवनÓÓ प्रदान किया गया है। इस क्रम में आज मुख्य द्वार पर भी ”लोक भवनÓÓ नाम अंकित कर पुन: स्थापित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि संविधान में ‘लोकÓ यानी जनता को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। लोक ही राष्ट्र की शक्ति है, लोक ही लोकतंत्र की आत्मा है। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि लोक भवन उत्तराखण्ड के नागरिकों के लिए आशा, संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनसेवा का केंद्र बनेगा। राज्यपाल ने कहा कि ”लोक भवनÓÓ जनता की सेवा की उस पवित्र भावना का प्रतीक है, जिसमें हर नागरिक इस भवन का अपना हिस्सा महसूस करे। उन्होंने कहा कि यह भवन केवल प्रशासनिक प्रतिष्ठान का प्रतीक नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के हर व्यक्ति की आकांक्षाओं, उम्मीदों और विश्वास का घर है। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प है कि लोक भवन सचमुच ‘लोकÓ के लिए, ‘लोकÓ के साथ और ‘लोकÓ के समर्पण में कार्य करेगा।
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