बिलासपुर 4दिसंबर 2025(आरएनएस) लिंगियाडीह बचाओ अभियान के तहत सर्वदलीय धरना आंदोलन विगत 11 दिन से लगातार जारी है जहाँ सैकड़ो महिलाएँ बच्चे शामिल होकर अपने हक एवं अपना आशियाना बचाने प्रयासरत है, इस धरना आंदोलन को हर वर्ग, संगठन तथा सामाजिक स्तर पर व्यापक समर्थन मिल रहा है। सुबह 11 बजे से 3 बजे तक रोज लिगियाडीह के रहवासी बैठे रहते है, ज्ञात हो कि दुर्गानगर एवं चौक के पास रह रहे 113 परिवार को चिन्हा कित कर उनके रह रहे स्थान पर गार्डन, काम्प्लेक्स बनाने की निगम द्वारा योजना बनाई जा रही है। ज्ञातव्य हो कि विगत 50 वर्षों से काबिज इन परिवारों को बेदखल करने की मंशा सरकार बना रही है। जबकि इन परिवारों से सम्पत्तिकर व अन्य टैक्स वसूला जा रहा है। पूर्व में इन परिवारों को राजीव आश्रय के तहत पट्टा दे दिया गया है। फिर भी उन्हें नही बक्श रहे हैं। ज्ञात हो कि नगर निगम के जोन क्रमांक-07 के द्वारा 10 रुपए प्रतिफीट के हिसाब से प्रीमियम राशि पट्टा के नाम पर लिया है। बकायदा उन्हें रसीद भी दिया गया है फिर भी इनका घर आवास प्रस्तावित गार्डन एवं काम्प्लेक्स की भेंट चढ़ाया जा रहा है। जबकि शासन के नियमानुसार जहाँ रह रहे हैं वहाँ उन्हें पट्टा देने का है। इसके पहले 09 माह पूर्व अपोलो के सामने राम् नगर, श्यामनगर तथा चिंगराज पारा सड़क एवं नाली के नाम पर सैकड़ो मकान, दुकान पहले तोड़ दिया गया है। अब दुर्गानगर बस्ती को उजाड़ने में लगा है। एवं आस-पास के क्षेत्र मोपका, चिल्हाटी, चिंगराज पारा, बहतराई, खमतराई, बिरकोना, मंगला में भी निगम द्वारा तोड़-फोड़ किये जाने की चर्चा है। इस आंदोलन को सभी वर्ग एवं सामाजिक स्तर पर भी व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। कल11 वाँ दिन साहू समाज अपना समर्थन देने पहुंचे तथा इन गरीबों के घर को न उजाड़ने की मांग की है। इन्होंने पहले व्यस्थापन करने की बात कही है। इसमें साहू समाज के मुकुंद साहू, राजकुमार साहू, भोलाराम साहू, शिवकुमार, कृष्णानंद साहू, संतोष साहू, सचिन, शांति साहू, सरिता साहू, लक्ष्मीन साहू, सतरूपा साहू, पूर्णिमा साहू, विद्या साहू, शिवा साहू, सीता साहू धरना में बैठे वहीं साखन लाल, पवनदास मानिकपुरी, चिंटू मानिकपरी, श्रवण, प्रशांत मिश्रा, चतुर सिंह, रीता देवांगन, लक्ष्मी सिंह, यशोदा पाटिल, पिंकी गुप्ता, सचिन कश्यप, ओम प्रकाश सूर्या, दुर्गा कुरै, प्रमिला मानिकपुरी, सोनबाई ठाकुर, शिवकुमारी देवांगन तथा मधु यादव सहित सभी वर्गों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।
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