बिलासपुर 4दिसंबर 2025(आरएनएस) स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बीच बिजली विभाग की घोर मनमानी का सबसे बड़ा उदाहरण सामने आया है। लिंगियाडीह में उपभोक्ता द्वारा 14 दिन पहले बिजली बिल ऑनलाइन जमा करने के बावजूद स्मार्ट मीटर आटोमेटिक बंद कर दिया गया, जिससे पूरे परिवार को पूरे अंधेरे में रहना पड़ा। यह घटना न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि डिजिटल पारदर्शिता के नाम सरकारी दावों की भी पोल खोलती है।घटना बसंत बिहार जोन के अंगर्तत लिंगियाडीह पुरानी बस्ती एक आवासीय इलाके का है, जहां मीटर क्रमांक 1001290013 पर दर्ज उपभोक्ता ने 21 नवंबर की बिजली बिल 31 हजार 123 रुपए विधिवत ऑनलाइन जमा किया था। बकायदा भुगतान की रसीद भी मौजूद है, इसके बावजूद बुधवार सुबह 10 अचानक घर की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। जब जेई से संपर्क किया गया तो स्थानीय कर्मचारियों को मौके पर भेजा। अमला मौके पर पहुंचा तो मीटर मौके पर चालू पाया, लेकिन आपूर्ति बंद थी। कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से बताया कि मीटर की रायपुर के कंट्रोल सेंटर से रिमोट के माध्यम से बंद किया गया है। जब इसका कारण पूछा गया तो साधारण और रटा रटाया जवाब मिला, ऐसा तब होता है जब बिल जमा नहीं होता। जबकि सच्चाई यह थी कि बिल 14 दिन पहले ही पट चुका था। इसकी जानकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को दी तो उन्होंने बिल जमा होने के आधार पर मीटर चालू करने के लिए मेल किया गया लेकर देर रात तक लाइट नहीं आई। लोगों की मानें तो एसे सैकड़ों मामले है इसको लेकर लोग आए दिन परेशान हो रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि विभाग ने बिजली चोरी रोकने और वसूली के लिए यह तकनीक तो अपनाई है लेकिन उपभोक्ताओं को बेवजह परेशानी हो रही है,इसके लिए क्या उपाय है।
रीडर की गलती, सजा उपभोक्ता को
उपभोक्ता की मानें तो बिल के लिए दो माह का एक साथ 24 हजार बिल जारी कर उपभोक्ता को दिया गया था शिकायत पर बसंत विहार जोन कार्यालय के अधिकारियों ने स्वीकार किया कि बीते माह तथा चालू माह की औसत बिल जारी किए गए और उसी गडबडी के कारण अक्टूबर में एकमुशत बिल डाला गया। विभाग की गलती से मजबूर होकर 21 नवंबर को 31.123 रुपये जमा करने पड़े।
उपभोक्ताओं पर स्मार्ट संकट
ऐसा घटना यह साफ दिखाती है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था पूरी तरह गलत और गैर-जिम्मेदार बन चुकी है। स्मार्ट मीटर पारदर्शिता के नाम पर या एक एक नया हथियार बन चुका है. जिससे मनमाने ढंग से बिजली बिल वसूली हो रही है। फिर यदि समय पर बिल जमा करने के बाद भी बिजली नहीं मिलेगी, फिर इस स्मार्ट सिस्टम’ का क्या मतलब, अगर यही स्मार्ट सिस्टम है, तो यह जनता के लिए सिरदर्द और अन्याय पूर्ण व्यवस्था है।

