कल्पवास महात्म्य का विराट दर्शन सनातन संस्कृति का दिग्दर्शन- महापौर
प्रयागराज 5 दिसंबर (आरएनएस)। चंद्रशेखर आजाद सर्किट हाउस के मैदान में नगर निगम प्रयागराज के द्वारा महापौर गणेश केसरवानी के नेतृत्व में कल्पवास महात्म्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ प्रयागवाल सभा के द्वारा राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम और स्वास्तिक वाचन से किया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असम राज्य के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने कल्पवास महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कल्पवास सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि साधना के प्रति समर्पित जीवन है। उन्होंने कहा कि कल्पवास मन, विचारो कि पवित्रता को शुद्ध करता है और आत्मा को उज्जवलता प्रदान करता है। कल्पवास एक ऐसा सामाजिक सेवा का अनुष्ठान है जो मनुष्य को संयम और अनुशासन में रहना सिखाता है।
इस अवसर पर उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति जागरण की पुनर्निर्माण की चल रही है। आज अयोध्या से लेकर अबू धाबी तक सनातन संस्कृति का परचम लहर रहा है
और सनातन संस्कृति का गौरव
बढ़ा है।
इसके पूर्व पंडित रमा शंकर शुक्ल न कल्पवास महात्मा का विषयांतर रखा और पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति राजाराम यादव एवं चंद्र देव जी महाराज ने कल्पवास महात्म्य पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक महापौर गणेश केसरवानी ने महामहिम राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य सहित सभी अतिथियों का भगवा अंग वस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया और कहा कि कल्पवास महात्म्य का विराट दर्शन सनातन धर्म का दिग्दर्शन है जिसे हमें जन जन तक तक पहुंचाना होगा। जिससे समस्त मानव जाति का कल्याण होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता बटुक जी महाराज ने किया और कहा कि कल्पवास जप तप साधना और सत्य का मार्ग है।
संचालन राजेश केसरवानी और धन्यवाद समापन सुभाष वैश्य ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी, विधायक दीपक पटेल, डॉ विक्रम सिंह पटेल, सुशील जी महाराज, भाजपा जिला अध्यक्ष गंगा पार निर्मला पासवान, पार्षद किरन जायसवाल, कविता त्रिपाठी, अंकुश शर्मा, आशीष केसरवानी, विवेक अग्रवाल, प्रमोद मोदी, गिरजेश मिश्रा एवं समस्त पार्षदगण और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता रहे।
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