अयोध्या 5 दिसंबर (आरएनएस )। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री Óअन्नपूर्णा देवीÓ द्वारा नई दिल्ली में शुरू किए गए 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान के बाद अपराजिता सामाजिक समिति ने घोषणा की है कि वह इस मिशन को अयोध्या में तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों के साथ गहन समन्वय में कार्य करेगी। यह अभियान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर आरंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य उन सभी सामाजिक और संरचनात्मक कारणों को समाप्त करना है जो बाल विवाह को बढ़ावा देते हैं। अपराजिता की निदेशक किरण बैस ने कहा कि अयोध्या में बाल विवाह रोकथाम के क्षेत्र में जिला प्रशासन का सहयोग अत्यंत प्रभावी रहा है और अनेक सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि देश का शीर्ष नेतृत्व बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है। सामूहिक प्रयासों के बल पर यह पूरी तरह संभव है कि भारत 2030 से पहले ही इस अपराध से मुक्त हो जाए। अयोध्या में हम समुदायों, बच्चों, परिवारों और संस्थानों के साथ मिलकर एक सुरक्षित और न्यायसंगत वातावरण बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। अपराजिता सामाजिक समिति, Óजस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेनÓ नेटवर्क की सहयोगी संस्था है, जिसके 250 से अधिक संगठन देशभर में बाल अधिकारों और बाल विवाह उन्मूलन के लिए कार्य कर रहे हैं। इस नेटवर्क ने पिछले एक वर्ष में देशभर में Óएक लाख से अधिक बाल विवाह रोकनेÓ में सफलता हासिल की हैकृजो एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियानÓÓ को तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। जिसमें Óपहला चरण:Ó स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम। दूसरा चरण मंदिर, मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारे सहित धार्मिक स्थलों पर तथा विवाह से जुड़े सेवा प्रदाताओंकृजैसे हलवाई, बैंड, बैंक्वेट हॉलकृपर विशेष ध्यान। तीसरा चरण में ग्राम पंचायतों, नगर वार्डों और समुदाय स्तर पर निगरानी, भागीदारी और जिम्मेदारी को मजबूत करना। अपराजिता ने कहा कि अयोध्या में बाल विवाह समाप्त करने के लिए सभी हितधारक एकजुट होकर कार्य करेंगे और यह अभियान सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक सहयोग और प्रशासनिक प्रतिबद्धता के माध्यम से निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेगा।
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