नईदिल्ली,06 दिसंबर (आरएनएस)। इंडिगो के परिचालन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से दी गई छूट पर एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन (एएलपीए) इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताई है। पायलट्स के संगठन ने कहा है कि यह फैसला एक खतरनाक मिसाल कायम करता है। डीजीसीए ने एक दिन पहले इंडिगो को पायलट्स के लिए सख्त रात्रि ड्यूटी नियमों से अस्थायी छूट दी थी, जो रात की ड्यूटी को अव्यवस्थित करने वाले ऑपरेशन से संबंधित थी।
डीजीसीए को लिखे पत्र में एएलपीए -इंडिया ने कहा कि यह निर्णय न केवल एक खतरनाक मिसाल स्थापित करता है, बल्कि नागरिक उड्डयन आवश्यकता के मूल सिद्धांत और उद्देश्य को भी कमजोर करता है। इसमें यह भी कहा गया है कि यात्रियों की असुविधा के बहाने इंडिगो राहत की मांग कर रही है, जबकि उसने जानबूझकर शीतकालीन परिचालन को बढ़ाया है। पायलट्स की उड़ान ड्यूटी और आराम अवधि के मानदंडों के दूसरे चरण के कार्यान्वयन के बारे में पूरी जानकारी है।
डीजीसीए ने बताया कि यह छूट सिर्फ फ्लाइट ऑपरेशन को पटरी पर लाने के लिए दी गई है। इसे सुरक्षा आवश्यकताओं में कमी नहीं समझा जाएगा। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए प्राथमिक जवाबदेही ऑपरेटर्स की है। ऑपरेटर ने आने वाले दिनों में क्रू की भर्ती का संकेत दिया है। दूसरी तरफ इंडिगो ने कहा कि फेज-2 एफडीटीएल मापदंड़ों के लिए क्रू प्लानिंग और रोस्टरिंग की तैयारी अपर्याप्त थी, जिसकी वजह से बड़े स्तर पर दिक्कतें सामने आईं।
नए एफडीटीएल मानदंडों के अनुसार, पायलट्स के लिए साप्ताहिक विश्राम अवधि को बढ़ाकर 48 घंटे करना, रात्रिकालीन उड़ान के घंटे बढ़ाना और रात्रि लैंडिंग की संख्या को पहले के 6 के मुकाबले केवल 2 तक सीमित करना शामिल है। शुरुआत में इंडिगो और एयर इंडिया सहित घरेलू एयरलाइंस ने इसका विरोध किया था। बाद में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद डीजीसीए ने इन्हें लागू कर दिया। इसे लागू करने के कारण ही इंडिगो को दिक्कत आ रही है।
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