नई दिल्ली 07 Dec, (Rns) : इंडिगो एयरलाइन बीते पांच दिनों से गंभीर परिचालन संकट का सामना कर रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। हालात गंभीर होने पर शनिवार को विमानन नियामक DGCA ने सख्त कार्रवाई करते हुए इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोर्केरास को कारण बताओ नोटिस जारी किया और 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने को कहा।
DGCA के नोटिस में कहा गया है कि उड़ानों में भारी देरी और रद्दीकरण से स्पष्ट होता है कि एयरलाइन अपनी योजना, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में अपेक्षित मानकों को पूरा नहीं कर पाई। नियामक का मानना है कि उड़ानों में हुई अव्यवस्था की मुख्य वजह FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) के नए नियमों को लागू करने के लिए समय पर आवश्यक तैयारी न होना है।
इसी दौरान, इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया कि नेटवर्क को स्थिर करने के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। एयरलाइन के अनुसार, शुक्रवार को उन्होंने 700 से कुछ अधिक उड़ानें संचालित कीं, जो 113 गंतव्यों को जोड़ती हैं। कंपनी ने कहा कि यह कदम सिस्टम, रोस्टर और नेटवर्क संचालन को संतुलित करने के लिए आवश्यक था ताकि अगले दिन स्थिति सामान्य हो सके।
एयरलाइन ने बताया कि रविवार को वे 1,500 से ज्यादा उड़ानें संचालित कर रहे हैं और उनका लगभग 95 प्रतिशत नेटवर्क फिर से बहाल हो चुका है। इंडिगो का कहना है कि वे 138 में से 135 गंतव्यों पर सेवाएं फिर से शुरू कर चुके हैं। यात्रियों से माफी मांगते हुए एयरलाइन ने कहा कि उन्हें अभी काफी सुधार की जरूरत है, लेकिन वे ग्राहकों का विश्वास वापस पाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। कंपनी ने यात्रियों और कर्मचारियों का सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। इसी क्रम में, नागरिक उड्डयन मंत्री के रममोहन नायडू ने एयरलाइन के CEO के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर स्थिति का आकलन किया। मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

