बिलासपुर 8 दिसंबर 2025(आरएनएस) रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री इन दिनों स्टेशन कम और अघोषित ऑटो स्टैंड ज्यादा नजर आ रही है। यहां न नियमों का पालन हो रहा है, न ही रेलवे प्रशासन की मौजूदगी दिखती है। यही वजह है कि पूरे इलाके में ट्रैफिक जाम, अवैध कब्जे और बदमाशी जैसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। गजरा चौक और रनिंग रूम के पास रोज़ाना ऑटो और ई-रिक्शा चालकों का कब्जा इतना ज्यादा रहता है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे ठेले और खोमचे लग जाने से स्टेशन की पूरी सड़क बाजार में बदल चुकी है। प्रशासन की चुप्पी ने कब्जाधारियों के हौसले इतने बढ़ा दिए हैं कि वे अब यात्रियों से बदसलूकी और धमकी तक देने लगे हैं। ताजा मामला सिरगिट्टी ब्लैक डायमंड इलाके से आए यात्रियों का है। एक ई-रिक्शा चालक चार लोगों को स्टेशन छोड़ने के नाम पर लेकर आया, लेकिन स्टेशन के बजाय उन्हें गजरा चौक पर उतार दिया। यात्रियों ने विरोध जताया तो चालक भड़क गया और विवाद मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान न RPF दिखाई दी और न रेलवे का कोई अधिकारी। रेलवे पुनर्विकास पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, लेकिन सेकेंड एंट्री की सड़क पर निर्माण सामग्री ऐसे फैली पड़ी है जैसे इसकी जिम्मेदारी किसी की नहीं। अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं और यात्री खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का सवाल है-जब स्टेशन के ही सामने यह हाल है, तो व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? हालात पर समय रहते ध्यान न दिया गया तो गजरा चौक स्टेशन का हिस्सा नहीं, बल्कि अवैध बाजार और गुंडागर्दी का अड्डा बनकर रह जाएगा।
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