0-अगले महीने भार साधक मंत्रियों से चर्चा कर लिया जाएगा अंतिम रूम
0-2026-27 का अनुमानित बजट होगा सवा लाख करोड़ का
रायपुर, 09 दिसंबर (आरएनएस)। प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट बनाने के लिए मुख्य सचिव विकास शील ने सभी विभागों के प्रमुख सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक ली, जिसमें सभी विभागों के नए प्रस्ताव एवं योजनाओं पर चर्चा हुई है। केन्द्र प्रवर्तित योजनाओं के लिए ज्यादा से ज्याद राज्यांश लेने की योजना है। नए बजट में अधोसंरचना विकास शिक्षा एवं नक्सल उन्मूलन तथा आदिम जाति जनजाति विभाग को अधिक से अधिक राशि दिए जाने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार दिसंबर महीने में राज्य के वित्तीय बजट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके तहत राज्य में सभी विभागों के प्रस्ताव मंगा लिए गए हैं। इस समय लोक निर्माण विभाग में भवन, सड़क तथा आधुनिक भवनों के निर्माण के लिए एक बड़ी राशि खर्च की जाएगी। वहीं सिंचाई परियोजनाओं के लिए भी केन्द्र से राशि लेने का प्रावधान किया जा रहा है। बस्तर में बोधघाट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिलाने का प्रयास किया जाएगा। सिंचाई का रकबा 40 प्रतिशत से अधिक बढ़ाया जाएगा। कृषि विभाग को आधुनिक ड्रोन तथा लेबोरेट्री से सुसज्जित किया जाएगा। धान के अलावा व्यावसायिक फसलों को लगाने पर जोर दिया जाएगा।
धान खरीदी में 10 हजार करोड़ से भी अधिक का घाटा
राज्य में धान खरीदी किसी भी सरकार के लिए अनिवार्य हो गया है। यह छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए जीवन रेखा है, 25 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान खरीदा जाता है। इस पर प्रति वर्ष 50 हजार करोड़ खर्च होते हैं, जो कि बजट का एक तिहारी हिस्सा है।
पैडीकैरी में मार्कफेड को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इससे करीब 10 हजार करोड़ का घाटा हो रहा है। केन्द्र सरकार इसके एवज में मात्र एक करोड़ राशि भेज देती है। मिलर्स, ठेकेदारों और भ्रष्ट अधिकारियों को ही फायदा हो रहा है। सरकार का भट्टा बैठ रहा है, जिससे अधिकारी काफी चिंतित हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य एवं नक्सली उन्मूलन के लिए बड़ी राशि
शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में केन्द्र से एक बड़ी राशि आती है। शिक्षा विभाग में मिड डे मिल तथा अन्य कार्य के लिए भी केन्द्र राशि देता है। राज्य सरकार द्वारा स्वामी आत्मानंद स्कूल का संचालन किया जा रहा है, जो कि डीएम फंड से संचालित है, लेकिन अब इनकी व्यवस्था चरमरा गई है, जिसके कारण इस स्कूल के बदले पीएम श्री स्कूल खोला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग में एड्स, टीवी तथा अन्य अंधत्व निवारण के लिए एक बड़ी राशि आती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग पीएम स्वास्थ्य योजना के तहत एक बड़ी राशि मांगी जा रही है। पंचायत विभाग में प्रधानमंत्री सड़क योजना, आवास योजना, नवा विहान तथा अन्य कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
एक लाख करोड़ से ज्यादा का होगा नया बजट
प्रदेश में जीएसटी के चलते आय कम हो गई है। केन्द्र से एक बड़ी राशि मिलती है, जो कि कुल करेत्तर राज्यांश के रूप में 67 प्रतिशत रहता है तथा राज्य ये 33 प्रतिशत मिलता है, इसलिए राज्यों को जीएसटी पर ही निर्भर रहना होता है। वर्ष 2025-26 का बजट एक लाख करोड़ का था, नया बजट डेढ़ लाख करोड़ के आसपास बनाया जाएगा।
आर. शर्मा
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