खैरागढ़, 09 दिसंबर (आरएनएस)। खैरागढ़ जिले के छुईखदान–संडी क्षेत्र में श्री सीमेंट कंपनी की प्रस्तावित 404 हेक्टेयर खनन व औद्योगिक परियोजना को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के बढ़ते विरोध के बीच कंपनी ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग गलत जानकारी फैला कर माहौल खराब कर रहे हैं और आंदोलन को अनावश्यक रूप से भड़का रहे हैं।
खैरागढ़ में आयोजित प्रेस वार्ता में कंपनी प्रबंधन ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और सड़क–बिजली–पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का अवसर है। कंपनी ने दावा किया कि न तो किसी गांव को उजाड़ा जाएगा और न पर्यावरण को नुकसान होने दिया जाएगा, बल्कि स्थानीय लोगों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं लागू की जाएंगी।
प्रेस कॉन्फ्ऱेंस में मौजूद खैरागढ़ कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने भी बताया कि ग्रामीणों में कई तरह की भ्रांतियां हैं, जिन्हें बातचीत से दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई ग्रामीणों के लिए आपत्तियां और सुझाव रखने का आधिकारिक मंच है, और प्रशासन इससे अलग भी संवाद करने के लिए तैयार है ताकि स्थिति स्पष्ट की जा सके।
दूसरी ओर, क्षेत्र की विधायक यशोदा वर्मा इस परियोजना का कड़ा विरोध कर रही हैं। उन्होंने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 11 दिसंबर को तय जनसुनवाई रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि उपजाऊ कृषि भूमि पर भारी उद्योग स्थापित करना किसानों के हितों के खिलाफ है। किसानों का भी मत है कि कंपनी की रिपोर्ट में केवल 138 रोजगार का आंकड़ा दिया गया है, जो हजारों लोगों की जमीन और भविष्य के मुकाबले बहुत कम है।
कुल मिलाकर मामला विकास बनाम खेती के बीच संतुलन की बहस में बदल चुका है। एक तरफ कंपनी और प्रशासन संवाद के जरिए समाधान की बात कर रहे हैं, वहीं किसान और जनप्रतिनिधि अपनी जमीन और पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर अडिग हैं। सभी की नजरें अब 11 दिसंबर की जनसुनवाई पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि परियोजना आगे बढ़ेगी या विरोध और तेज होगा।
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