नवाचार और मानवीय सेवा में रूपांतरकारी योगदान देने वाले वैश्विक परिवर्तनकर्ताओं को किया सम्मानित
# जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऑपरेशन सिंदूर व आपदा-प्रभावित परिवारों के लिए 1,500 घरों के निर्माण हेतु J&K सरकार–एचआरडीएस इंडिया की संयुक्त आवासीय पहल की प्रशंसा की
# स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के आदर्शों से प्रेरित पुरस्कार, राष्ट्रीय नेताओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति में किए गए प्रदान
नई दिल्ली , 10 दिसंबर (आरएनएस)। एचआरडीएस इंडिया द्वारा नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स 2025’ का आयोजन किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस समारोह में राष्ट्रीय नेताओं, अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों और विशिष्ट उपलब्धिकर्ताओं ने भाग लिया, जिनका कार्य स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर के साहस, सुधारवादी दृष्टिकोण और राष्ट्र-निर्माण की भावना को प्रतिबिंबित करता है। मुख्य अतिथियों में स्वामी आत्मा नम्बि जी (अध्यक्ष, एचआरडीएस इंडिया ), डॉ. एस. कृष्ण कुमार (पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं चेयरमैन, एचआरडीएस इंडिया ), के. जी. वेणुगोपाल (वाइस प्रेसिडेंट, एचआरडीएस इंडिया ) और अजी कृष्णन (फाउंडर सेक्रेटरी, एचआरडीएस इंडिया ) शामिल रहे। समारोह को संबोधित करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि “मैं वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स के सभी प्राप्तकर्ताओं को बधाई देता हूँ। वीर सावरकर एक क्रांतिकारी और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे, जिनकी राष्ट्र-निष्ठा आज भी हमें प्रेरित करती है। समाज को सशक्त बनाने के हमारे प्रयासों के तहत, मैं यह बताते हुए प्रसन्नता महसूस कर रहा हूँ कि एचआरडीएस इंडिया के साथ चल रही हमारी संयुक्त पहल के प्रथम चरण में जम्मू-कश्मीर में 1,500 आधुनिक आवासों का निर्माण किया जा रहा है। यह पहल अनगिनत जीवनों में सुधार लाएगी और परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी, जिससे समाज का प्रत्येक सदस्य आत्मनिर्भरता, ईमानदारी और न्याय के साथ आगे बढ़ सकेगा। स्वागत संबोधन में स्वामी आत्मा नम्बि जी ने संगठन के मिशन तथा ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड्स’ के मूल्यों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर के माननीय उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का ‘वीर सावरकर इंटरनेशनल इम्पैक्ट अवॉर्ड’ में शामिल होना हमारे लिए सम्मान की बात है। उनकी उपस्थिति इस मंच की राष्ट्रीय प्रासंगिकता को सुदृढ़ करती है और एचआरडीएस इंडिया की उस दृष्टि को आगे बढ़ाती है, जिसके माध्यम से हम सामाजिक विकास, वंचित समुदायों के सशक्तिकरण और सार्थक राष्ट्र-निर्माण को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम का समापन ‘सुदर्शनम्: भारतम्’ नामक एक वृत्तचित्र नृत्य-नाटिका से हुआ, जिसे अरुषा विद्या समाजम के ‘सुदर्शनम् डी-रैडिकलाइजेशन कार्यक्रम’ के माध्यम से पुनर्वासित महिलाओं ने प्रस्तुत किया। अब पूर्णकालिक प्रचारिकाओं के रूप में कार्यरत इन महिलाओं ने विचारधारा की संवेदनशीलता से रूपांतरण और उद्देश्यपूर्ण सामाजिक सेवा की यात्रा को अभिव्यक्त किया।

