लखनऊ ,13 दिसंबर (आरएनएस)। योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के अन्नदाता किसानों की आर्थिक समृद्धि को लेकर लगातार ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है। एक ओर जहां न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद के लिए प्रदेशभर में 4645 क्रय केंद्र स्थापित कर किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, वहीं दूसरी ओर डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में सीधे भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि प्रदेश में अब तक 3.15 लाख से अधिक किसानों से 19.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है और इसके सापेक्ष किसानों को 4500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान भी कर दिया गया है।सरकार की सक्रिय नीति और निगरानी के चलते श्रीअन्न की खरीद में भी उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिल रही है। बाजरा बिक्री करने वाले 35 हजार से अधिक किसानों को अब तक 421.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश में श्रीअन्न की खरीद एक अक्टूबर से शुरू हुई है, जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद भी पहली अक्टूबर से तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से की जा रही है। किसानों को समय पर भुगतान मिलने से उनमें सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा है।योगी सरकार साल दर साल अपने ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए किसानों की भागीदारी बढ़ाने में सफल रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 13 दिसंबर तक जहां 6.70 लाख किसानों ने धान बिक्री के लिए पंजीकरण कराया था, वहीं 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 7.83 लाख से अधिक हो चुकी है। इसी तरह बाजरा बिक्री के लिए पिछले वर्ष इसी अवधि में 21,630 किसानों ने पंजीकरण कराया था, जो इस वर्ष बढ़कर 80 हजार से अधिक हो गया है। ज्वार और मक्का में भी किसानों का रुझान बढ़ा है। ज्वार बिक्री के लिए पिछले वर्ष जहां 12 हजार किसानों ने पंजीकरण कराया था, वहीं इस वर्ष 16 हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। वर्तमान में बाजरा की खरीद 33 जनपदों और ज्वार की खरीद 11 जनपदों में की जा रही है।खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं धान खरीद, भुगतान व्यवस्था और क्रय केंद्रों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान समय पर मिले। शनिवार दोपहर 12 बजे तक प्रदेश में 3.15 लाख किसानों से 19.14 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है, जिसके सापेक्ष 4541.94 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया जा चुका है। श्रीअन्न के अंतर्गत बाजरा किसानों को 421.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह भुगतान 187.98 करोड़ रुपये था। मुख्यमंत्री की सख्त मॉनीटरिंग के कारण इस वर्ष भुगतान प्रक्रिया और अधिक तेज हुई है।श्रीअन्न की खरीद एक अक्टूबर से शुरू होकर 31 दिसंबर तक चलेगी। इसके अंतर्गत बाजरा की खरीद 33 जनपदों, मक्का की 25 जनपदों और ज्वार की खरीद 11 जनपदों में की जा रही है। वहीं धान की खरीद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी तक जारी रहेगी। सरकार द्वारा धान (कॉमन) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2369 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए का 2389 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। ज्वार (मालदांडी) का एमएसपी 3749 रुपये, ज्वार (हाइब्रिड) का 3699 रुपये, बाजरा का 2775 रुपये और मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।स्पष्ट है कि योगी सरकार की नीतियों और प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश में न केवल खरीद व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि किसानों को समय पर भुगतान मिलकर उनकी आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिली है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

