लखनऊ ,13 दिसंबर (आरएनएस)। भारतीय जनता पार्टी में उत्तर प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया के तहत केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता पंकज चौधरी का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को नामांकन की अंतिम समय-सीमा दोपहर तीन बजे तक थी, लेकिन निर्धारित समय तक पंकज चौधरी के अलावा किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया। इसके चलते उनका निर्विरोध चुना जाना सुनिश्चित हो गया है, हालांकि औपचारिक घोषणा अभी शेष है।पंकज चौधरी के नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने। उनके साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद स्मृति ईरानी, प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सूर्य प्रताप शाही, सुरेश खन्ना और बेबी रानी मौर्य ने भी प्रस्तावक के रूप में समर्थन देकर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया। शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं का एक साथ समर्थन मिलना उनके निर्विरोध चयन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश की महाराजगंज लोकसभा सीट से सात बार सांसद चुने जा चुके हैं। वर्तमान में वे केंद्र सरकार में वित्त राज्य मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। उनका जन्म 20 नवंबर 1964 को गोरखपुर में हुआ था। कुर्मी समुदाय से आने वाले पंकज चौधरी का राजनीतिक अनुभव लंबा और प्रभावशाली रहा है। उनका परिवार भी राजनीति से जुड़ा रहा है और उनकी माता उज्ज्वल चौधरी महाराजगंज की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।पार्टी सूत्रों के अनुसार, पंकज चौधरी का निर्विरोध चयन उनके संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और लंबे राजनीतिक सफर को देखते हुए किया गया है। माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में भाजपा संगठन को और मजबूत आधार मिलेगा तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पार्टी को नई दिशा और गति प्राप्त होगी। औपचारिक घोषणा के बाद प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके कार्यभार संभालने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके साथ ही उत्तर प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक नेतृत्व में नया अध्याय शुरू होगा।
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