भोपाल 15 दिसंबर (आरएनएस)।जिले के फंदा विकासखण्ड के ग्राम डंगरौली, टांडा सांकल एवं जमुनियाकलां में आत्मा परियोजना अंतर्गत कृषक पाठशाला एवं प्रदर्शन अंतर्गत कृषकों के खेत में धान कटाई के पश्चात सुपर सीडर के माध्यम से गेहूं की सीधी बुवाई का प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यकम में स्थानीय किसान, आत्मा परियोजना एवं कृषि अभियांत्रिकी के अधिकारियों ने भाग लिया।
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा पराली जलाए बिना समय पर गेंहू की बुआई को बढ़ावा देना रहा। सुपर सीडर धान के अवशेष को काटकर मिट्टी में मिलाता है और एक ही बार में जुताई, की बुआईकरण एवं खाद का प्रयोग भी करता है।
सुपर सीडर के प्रमुख लाभों के अंतर्गत पराली जलाने की आवश्यकता समाप्त, मिट्टी की उर्वरता में वृद्धि, समय और श्रम की बचत, खेती की लागत में कमी, बेहतर अंकुरण और उपज, टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने भारी मात्रा में धान अवशेष को संभालते हुए सुपर सीडर की कार्यक्षमता को प्रत्यक्ष रूप से देखा। कृषि विशेषज्ञों ने मशीन की सेटिंग, बीज दर, खाद प्रबंधन आदि से संबंधित किसानों के प्रश्नों का समाधान किया। किसानों ने भविष्य में इस तकनीक को अपनाने में गहरी रूचि दिखाई एवं गेंहू कटाई के बाद मूंग बुंआई में इसके प्रयोग की इच्छा जताई। अधिकारियों ने किसानों को अवशेष प्रबंधन के लिए यंत्रों पर उपलब्ध सब्सिडी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया एवं पर्यावरण अनुकूल टिकाऊ खेती की कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।

