कोलकाता 21 दिसंबर (आरएनएस)। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने गंभीर चिंता जताई है। आज उन्होंने कहा, ‘वे वहां अल्पसंख्यक हैं और स्थिति काफी कठिन है। इसके बावजूद, अधिकतम सुरक्षा के लिए वहां के हिंदुओं को एकजुट रहना होगा। विश्व भर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए। आरएसएस के स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर भागवत साल्टलेक के साइंस सिटी में एक सम्मेलन में खुलकर अपनी बात रखी। मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस किसी को नियंत्रित करने वाला संगठन नहीं है। उन्होंने कहा, कई संगठन हैं, कई लोग हैं जो अपना व्यक्तिगत काम भी कर रहे हैं। ये सभी संघ के स्वयंसेवक हैं। उनका निर्णय, सुधार और दृष्टिकोण संघ से संस्कार के रूप में मिलता है, लेकिन वे स्वतंत्र और आत्मनिर्भर होते हैं। संघ प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि संघ का काम नियंत्रण या दखल देना नहीं, बल्कि मित्रता, विश्वास और सच्चे प्रेम के रास्ते पर चलना है। उन्होंने कहा कि संघ को लेकर अक्सर यह आरोप लगाए जाते हैं कि वह दूसरों को निर्देश देता है या दबाव बनाता है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल के राजनीति में विपक्षी दल बार-बार भाजपा को निशाना बनाते हुए आरएसएस का नाम लेते रहे हैं। चुनाव के दौरान आरएसएस और भाजपा के रिश्तों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई बार यह भी कहा जाता है कि आरएसएस राजनीतिक फैसलों को प्रभावित करता है।मोहन भागवत ने इस बात को स्वीकार किया है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के लिए स्थिति काफी कठिन है और दुनियाभर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए। आपको बता दें कि बांग्लादेश में बीते कई दिनों से भीषण हिंसा हो रही है। इस हिंसा नमें हिंदू समुदाय को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल में एक हिंदू युवक को बीच सड़क पर जिंदा जला दिया गया था।बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर कोलकाता के एक कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- वे (हिंदू) वहां अल्पसंख्यक हैं और स्थिति काफी कठिन है। हालांकि यह मुश्किल है, लेकिन अधिकतम सुरक्षा के लिए वहां के हिंदुओं को एकजुट रहना होगा। और दुनिया भर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए। हमें अपनी सीमा के भीतर, जितना हो सके उनकी मदद करनी चाहिए। हमें वह सब कुछ करना होगा जो हम कर सकते हैं, और हम कर रहे हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे जुल्म को लेकर मोहन भागवत ने कहा- हिंदुओं के लिए एकमात्र देश भारत है। भारत सरकार को इस पर संज्ञान लेना होगा। उन्हें कुछ करना होगा। हो सकता है कि वे पहले से ही कुछ कर रहे हों। कुछ चीज़ों का खुलासा हो चुका है, कुछ का नहीं। लेकिन कुछ तो करना ही होगा।” उन्होंने आगे कहा- “अगर हिंदू समाज एकजुट हो जाए तो बंगाल में हालात बदलने में देर नहीं लगेगी।

