ऋषिकेश,21 दिसंबर (आरएनएस)। परमार्थ निकेतन में पांच दिवसीय गंगा जागरूकता एवं आरती प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हुई। जिसमें गंगा तटवर्ती पांच राज्यों के 30 पुरोहितों को गंगा आरती सहित अन्य अध्यात्मिक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रविवार को परमार्थ निकेतन में पांच दिवसीय गंगा जागरूकता एवं आरती प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने किया। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन, नमामि गंगे, अर्थ गंगा और जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यशाला आयोजित की गई है, जिसमें गंगा तटवर्ती पांच राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, और पश्चिम बंगाल से जुड़े पुरोहित, रिचुअल, प्रैक्टिशनर तथा युवाओं को गंगा आरती और गंगा जागरूकता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पुरोहितों को गंगा आरती, शुद्ध मंत्रों के उच्चारण के साथ ध्यान और योग का भी अभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने ध्यान दिवस पर बताते हुए कहा कि आज संसार बाहर से आगे बढ़ रहा है, पर भीतर से थक रहा है। मन अशांत है, हृदय तनाव से भरा है। ऐसी स्थिति में मानवता को सबसे अधिक आवश्यकता ध्यान और साधना की है। ध्यान केवल आंखें बंद करना नहीं, भीतर की आंखें खोल देना है। यह स्वयं से साक्षात्कार है।
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