उज्जैन 23 Dec, (Rns): धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन कर खुशी-खुशी घर लौट रहे एक श्रद्धालु के साथ रेलवे स्टेशन पर दर्दनाक हादसा हो गया। यहां स्टेशन पर एक बार फिर स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई। 42 साल के एक यात्री को ट्रेन पकड़ने के दौरान दिल का दौरा पड़ा, लेकिन वक्त पर स्ट्रेचर नसीब नहीं हुआ। मजबूरी में उसके दोस्त उसे सामान ढोने वाली लोहे की ट्रॉली पर लादकर अस्पताल ले जाने के लिए बदहवास दौड़ते रहे। हालांकि, तमाम कोशिशों के बावजूद शख्स को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो रेलवे के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रहने वाले 42 वर्षीय संजू रजवाड़े के रूप में हुई है। वह अपने चार दोस्तों के साथ महाकाल दर्शन करने उज्जैन आए थे। 21 दिसंबर की शाम करीब साढ़े पांच बजे वे लोग वापसी के लिए उज्जैन रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर पहुंचे थे। वहां खड़ी नर्मदा एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे में चढ़ने के लिए संजू दौड़ रहे थे, तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द हुआ और वह गश खाकर प्लेटफॉर्म पर ही गिर पड़े। उन्हें गिरता देख वहां मौजूद टिकट निरीक्षक (टीसी) कृपाशंकर पटेल तुरंत मदद को दौड़े और सूझबूझ दिखाते हुए संजू को सीपीआर देना शुरू किया।
टीसी द्वारा सीपीआर देने से संजू की पल्स कुछ हद तक लौटने लगी थी, लेकिन उन्हें तुरंत अस्पताल में आईसीयू सपोर्ट की जरूरत थी। संकट की इस घड़ी में स्टेशन पर एक स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं हो सका। अपने साथी की जान बचाने के लिए दोस्तों ने आवक-जावक नहीं देखी और वहां पड़ी सामान ढोने वाली लोहे की ट्रॉली पर ही संजू को लिटा लिया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे युवक उसे ट्रॉली पर लादकर भीड़ के बीच से दौड़ लगा रहे हैं। किसी तरह उन्हें स्टेशन से बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया और जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना देने के बाद भी डॉक्टर समय पर मौके पर नहीं पहुंच सके थे। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर मेडिकल इमरजेंसी सुविधाओं की कलई खोलकर रख दी है।

