0-10 अधिकारियों का पेनल भेजा गया यूपीएससी
0-जनसंपर्क, महिला एवं बाल विकास, वित्त विभाग के अधिकारी हैं शामिल
रायपुर, 24 दिसंबर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में गैर संवर्ग आईएएस कोटे के दो पद के लिए शीघ्र ही यूपीएससी द्वारा साक्षात्कार लिया जाएगा। राज्य सरकार ने आए आवेदनों पर विचार कर यहां से नाम भेज दिया है। देखना है कि अब किसकी किस्मत खुलती है।
मिली जानकारी के अनुसार आईएएस के दो पदों के लिए जिन 10 अधिकारियों के पेनल बनाए गए हैं, उनमें ऋ षभ कुमार पराशर, तरूण कुमार किरण, श्रुति प्रसन्ना नेरकर, पवन कुमार गुप्ता, विनय गुप्ता, पीएल साहू, अभिषेक त्रिपाठी, राकेश पुरम, संतोष मौर्या और धीरज नशीने शामिल हैं। इसके लिए 30 दिसम्बर को साक्षात्कार होगा। अब देखना होगा कि किसकी किस्मत खुलती है। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा राजनीतिक एवं अन्य समीकरण के आधार पर किया जाता है। छत्तीसगढ़ में एलॉयड सर्विस कोटे से आईएएस के दो पद खाली हैं। पहले अनुराग पाण्डेय रिटायर हुए, फि र शारदा वर्मा रिटायर हुईं। इन दोनों अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने दोनों पदों को भरने के लिए विभागों से आवेदन आमंत्रित किया था।
मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के दो दर्जन अधिकारियों ने आईएएस बनने के लिए आवेदन किया था। इनमें से 16 को इंटरव्यू में बुलाया गया। मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में पिछले महीने मंत्रालय में इंटरव्यू हुआ था। इंटरव्यू में सीएस विकास शील के साथ एसीएस होम मनोज पिंगुआ और जीएडी सिकरेट्री रजत कुमार शामिल थे।
यूपीएससी के नियमानुसार एक पद के विरूद्ध पांच नाम भेजे जाते हैं। सो, इंटरव्यू के बाद राज्य सरकार ने दो पदों के लिए 10 नामों का पेनल यूपीएससी को भेजा था। यूपीएससी ने इंटरव्यू के लिए 30 दिसंबर का डेट फ ायनल कर दिया है। इंटरव्यू में यूपीएससी चेयरमैन, डीओपीटी सिकरेट्री या उनके नामिनी तथा छत्तीसगढ़ से चीफ सिकरेट्री विकास शील, कोई सीनियर एसीएस और जीएडी सिकरेट्री रजत कुमार बैठेंगे।
मंत्रालय के गलियारों से मिली जानकारी के अनुसार नॉन एलॉयड सर्विस से आईएएस बनने में उसी का नंबर लगता है, जिसका जैक सबसे बड़ा होता है। छत्तीसगढ़ ही नहीं, देश के सारे राज्यों में ऐसा ही होता है। राज्य सरकार जिसे चाहती है, यूपीएससी सलेकशन कमेटी उस पर मुहर लगा देती है। दरअसल, नाम ही इस प्रकार यूपीएससी को भेजा जाता है कि जिन्हें बनाना हो, उन्हें कोई खतरा न हो। और यूपीएससी उस पर मुहर लगा दे।
जनसंपर्क विभाग से इस बार पेनल में दो नाम भेजे गए हैं। पवन कुमार गुप्ता और संतोष मौर्या। छत्तीसगढ़ बनने के बाद रमन सिंह सरकार के दौर में अलॉयड सर्विस से पहला आईएएस आलोक अवस्थी बने थे, वे जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक थे। इसके बाद तीन बार अलॉयड कोटे से आईएएस चुने गए मगर जनसंपर्क विभाग से किसी का नंबर नहीं लग सका। इस बार दो अधिकारियों के नाम है। अब देखना है, इस बार जनसंपर्क विभाग से किसी को नंबर लगता है कि नहीं।
आर. शर्मा
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