भोपाल 24 दिसंबर (आरएनएस)। भोपाल के आसाराम चौराहा से रत्नागिरि तिराहे तक 16 किमी लंबे अयोध्या बायपास को 10 लेन में तब्दील करने के लिए 7871 पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी गई है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 8 जनवरी तक के लिए रोक लगाई है। पेड़ काटने के विरोध में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया था, जबकि गुरुवार को पर्यावरणविद् धरना आंदोलन करने वाले हैं।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया 10 लेन प्रोजेक्ट के चलते यह पेड़ कटवा रहा है। हालांकि, इनके बदले 81 हजार पौधे रोपेने का वादा भी किया है। 10 लेन करने के प्रोजेक्ट में सेंट्रल वर्ज की चौड़ाई को 5 मीटर से घटाकर 1.5 मीटर करने का भी प्लान बना है।
पर्यावरणविद् नितिन सक्सेना ने यह याचिका लगाई थी। इस पर एनजीटी ने बुधवार को आदेश जारी किया। उन्होंने बताया कि जब तक एनजीटी अपने स्पष्ट आदेश जारी नहीं कर देती, तब तक पेड़ों की कटाई नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन गठित कमेटी ने आदेश जारी कर दिए।
छुट्?टी वाले दिन नगर निगम काम नहीं करता, लेकिन दो दिन में करीब दो हजार पेड़ काट दिए गए। पर्यावरण के हित में यह प्रोजेक्ट गलत है। यहां लगातार पेड़ों की कटाई हो रही है। पहले भी हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं।
बता दें कि सोमवार को अयोध्या बायपास पर कई पेड़ों को काटने की कार्रवाई की गई थी। इसका कांग्रेस ने विरोध किया। एनएचएआई ठेकेदार के जरिए पेड़ कटवा रहा है। मौके पर पहुंचे कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया ने कार्रवाई का विरोध जताया। साथ ही इसे तुरंत रोकने की मांग की।
अगले दिन मंगलवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, रविंद्र साहू झूमरवाला समेत कई कांग्रेसियों ने मास्क पहनकर विरोध प्रदर्शन किया था। पर्यावरणविद उमाशंकर तिवारी ने बताया कि बायपास के दोनों ओर जो भी पेड़ काटे जा रहे हैं, उनकी उम्र 80 से 100 साल या इससे अधिक है। इनके बदले यदि नए पौधे लगाए भी जाएंगे तो उनके पेड़ बनने में सालों बीत जाएंगे।
विकास के नाम पर हरियाली का विनाश मंजूर नहीं है। एनएचएआई पेड़ों की कटाई तुरंत रोके। ताकि, हरियाली बचाई जा सके।

