लखनऊ,27 दिसंबर (आरएनएस)। राज्यसभा में विरोधी दल के उप नेता एवं सांसद प्रमोद तिवारी ने भारत सरकार की नीतियों पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि विदेश नीति में भटकाव के कारण आज भारत के पड़ोसी देशों से रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में एक के बाद एक अल्पसंख्यकों की हत्याएं गंभीर चिंता का विषय हैं। पहले दीपू चन्द दास और अब अमृत मंडल की निर्मम हत्या ने स्थिति की भयावहता को उजागर कर दिया है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, हिन्दुओं, सिखों और ईसाइयों के मंदिरों, पूजा स्थलों और गुरुद्वारों पर हमले हो रहे हैं, उन्हें नुकसान पहुंचाया जा रहा है, महिलाओं के साथ बदसलूकी की जा रही है और उनके व्यापार को बाधित किया जा रहा है।प्रमोद तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं को विश्वगुरु बनाने के प्रयास में किसी के भी नहीं रह गए हैं और आज भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार को कड़े कूटनीतिक कदम उठाते हुए बांग्लादेश में हिन्दू, सिख और ईसाई समुदाय पर हो रहे लगातार हमलों पर बिना किसी देरी के ठोस पहल करनी चाहिए।उन्होंने अरावली पर्वत श्रृंखला का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यह पर्वतमाला देश की आन-बान-शान से जुड़ी होने के साथ-साथ राजस्थान, एनसीआर और राजधानी दिल्ली के लिए जीवनदायिनी है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने अपने मित्र उद्योगपतियों और खनन लॉबी के दबाव में गलत खनन नीति अपनाकर अरावली के एक बड़े हिस्से को असंरक्षित घोषित कर खनन की अनुमति दे दी। संसद से लेकर सड़क तक हुए व्यापक विरोध के चलते सरकार को इस निर्णय को स्थगित करना पड़ा, जो सरकार की मंशा को उजागर करता है।प्रमोद तिवारी ने एसआईआर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इसके दबाव में एक और बीएलओ द्वारा मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या किए जाने की आशंका मीडिया में सामने आई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 2 करोड़ 90 लाख से लेकर 3 करोड़ तक नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिनमें अधिकांश गरीब वर्ग और प्रवासी मजदूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर केंद्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा लोकतंत्र के साथ यह क्रूरतम व्यवहार किया जा रहा है, जिसे देश की आने वाली पीढिय़ां कभी माफ नहीं करेंगी।उन्होंने कहा कि शिक्षकों और बिजली कर्मियों के अधिकार छीने जा रहे हैं। जनता को सस्ती बिजली और पानी उपलब्ध कराना हर कल्याणकारी सरकार का कर्तव्य होता है, लेकिन बिजली को बड़े उद्योगपतियों को बेचा जा रहा है। इससे बिजली कर्मियों की छंटनी होगी और आउटसोर्सिंग व संविदा कर्मियों के लिए यह स्थिति कैंसर की तरह विनाशकारी साबित होगी।प्रमोद तिवारी ने दोहराया कि कांग्रेस का स्पष्ट वचन और संकल्प है कि कांग्रेस की सरकार बनने पर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जाएगी और शिक्षकों को उनके अधिकार दिलाए जाएंगे।
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