सोनभद्र,27 दिसंबर (आरएनएस)। जनपद में नशे के सौदागरों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। संगठित अपराध की कमर तोड़ते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी भोला प्रसाद की लगभग 30 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी कर ली है। माननीय न्यायालय ने इस संबंध में नोटिस जारी कर दिया है, जिससे जिले के ड्रग सिंडिकेट में हड़कंप मचा हुआ है।
फर्जीवाड़े से बनाया ‘शैली ट्रेडर्स’ का सुरक्षा कवच
पुलिस की गहन विवेचना में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि वाराणसी निवासी अभियुक्त भोला प्रसाद (पुत्र स्व. रामदयाल) ने झारखंड के रांची में “शैली ट्रेडर्स” नाम से एक फर्जी गोदाम और ड्रग लाइसेंस तैयार किया था। उसने लाइसेंसिंग अथॉरिटी को अंधेरे में रखकर दस्तावेज हासिल किए और उनकी आड़ में उत्तर प्रदेश और झारखंड के नौ जिलों में कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी शुरू की इन जिलों में फैला था नेटवर्क उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और बलिया,झारखंड: रांची, पलामू और बोकारो। जांच के अनुसार, भोला प्रसाद कागजों पर सिरप की वैध सप्लाई दिखाता था, लेकिन असल में वह इसे ऊंचे दामों पर नशे के तस्करों को बेच रहा था। इस अवैध धंधे से कमाई गई काली कमाई को उसने आलीशान कोठियों, महंगी गाडिय़ों और दर्जनों बैंक खातों में निवेश किया था।नए कानून (क्चहृस्स्) के तहत हुई कार्रवाई रॉबर्ट्सगंज थाने में दर्ज मु.अ.सं.-1191/25 की जांच कर रही स्ढ्ढञ्ज टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया है। कानूनी शिकंजा: पुलिस ने नए कानून क्चहृस्स् की धारा 107 के तहत कुर्की की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की। संगीन धाराएं: आरोपी पर क्चहृस् की विभिन्न धाराओं समेत 27्र/29 हृष्ठक्कस् ्रष्ह्ल (तस्करी के लिए वित्त पोषण) के तहत मामला दर्ज है।
“फिलहाल 30 करोड़ की संपत्ति चिन्हित की गई है। यदि जांच में आरोपी की कोई अन्य बेनामी संपत्ति सामने आती है, तो उसे भी तत्काल जब्त किया जाएगा। नशे के कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा।”— सोनभद्र पुलिस प्रशासन
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

