भोपाल,27 दिसंबर (आरएनएस)। सरकार किस तरह से चलती है और विधायकों-मंत्रियों का कामकाज कैसे होता है। इसके लिए स्कूल में बच्चे खुद मंत्री-विधायक बने और विधानसभा में अपनी-अपनी बात रखी। बच्चों ने इनकी कार्यप्रणाली को बेहतर तरीके से जाना। पंडित कुंजीलाल दुबे संसदीय विद्यापीठ के आयोजन में बच्चों ने खुद मंत्री-विधायक बनकर कामकाज को समझा। यह आयोजन राजधानी के शासकीय हमीदिया कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 2 में शुक्रवार को हुआ है।बच्चों के बीच से ही कोई मुख्यमंत्री तो कोई राज्यपाल बना। विधानसभा अध्यक्ष भी बनाए गए।
संसदीय विद्यापीठ की ओर से एमके राजौरिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। प्राचार्य अनामिका खरे ने बताया कि यह आयोजन हर वर्ष आयोजित किया जाता है। इन्हें बच्चें में से विजेताओं का चयन राज्य स्तर पर होता है। इससे बच्चों में सरकार के कामकाज के तरीकों से वाकिफ करना होता है और उनका मानसिक विकास भी होता है। बच्चों ने कई सवाल भी आपस में पूछे हैं। संसदीय विद्यापीठ में आधे बच्चे पक्ष और आधे बच्चे विपक्ष के तौर पर बैठे। सत्ता पक्ष ने अपनी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया तो विपक्ष ने सरकार को सवालों से घेरा।
संसदीय विद्यापीठ में सत्ता पक्ष और विपक्ष में बैठे स्कूली बच्चे।

