रायपुर, 29 दिसंबर (आरएनएस)। प्रदेश के साहित्यकारों और साहित्यिक -सांस्कृतिक अभिरुचि के मित्रों ने मिलकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘लोकमित्र समूहÓ का गठन किया है । नवगठित समूह ने अपना पहला कार्यक्रम ‘ग़ालिब हमारे ‘ शीर्षक से 27 दिसम्बर 2025 की शाम उर्दू के महान शायर मिजऱ्ा ग़ालिब की 228 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया। महान शायर पर केंद्रित सांस्कृतिक -संध्या में मिजऱ्ा ग़ालिब के व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा के साथ उनकी लोकप्रिय गज़़लों की संगीतमय प्रस्तुति दी गई । इस मौके पर विमतारा सांस्कृतिक भवन में छत्तीसगढ़ के शायरों और कवियों की काव्य -गोष्ठी का भी आयोजन हुआ।
सबसे पहले मिजऱ्ा ग़ालिब और 23 दिसम्बर 2025 को दिवंगत हुए छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि और लेखक रायपुर निवासी विनोद कुमार शुक्ल को विनम्र श्रद्धांजलि दी गई । कवि पीयूष कुमार ने विनोद कुमार शुक्ल की कविता ‘समुद्र की सतह से निकलकर आयाÓ का पाठ किया।
कार्यक्रम के संगीत-सत्र में रायपुर के युवा कलाकार वसु गंधर्व और निवेदिता शंकर ने ग़ालिब की चुनी हुई गज़़लों का गायन किया।तबले पर अशोक कूर्म ने संगत की।
विचार-सत्र में रायपुर के जाने -माने शायर अब्दुल जावेद नदीम ने अपना आलेख पढ़ा, जिसमें उन्होंने ग़ालिब की गज़़लों के ऐसे तत्वों की पड़ताल की जिनके जरिए वे विगत दो शताब्दियों से उर्दू शायरी के आकाश में एक सितारे की तरह अपनी चमक बनाए हुए हैं । राजनांदगांव से आए सुप्रसिद्ध शायर अब्दुल सलाम कौसर ने ग़ालिब की गज़़लों में अंतर्निहित नैतिकता पर प्रकाश डाला । रायपुर के वरिष्ठ साहित्यकार आनंद बहादुर ने मिजऱ्ा ग़ालिब के कई शेरों का उल्लेख करते हुए उनकी शायरी में मौजूद सूक्ष्म भावनाओं को उजागर किया।
आयोजन के अंतिम सत्र में काव्य -गोष्ठी हुई । इसमें छत्तीसगढ़ के लगभग दो दर्जन शायरों और कवियों ने अपनी -अपनी कविताएँ पढ़ीं । काव्य -पाठ करने वालों में जया जादवानी, डॉ.संजय अलंग, जीवेश प्रभाकर, नीलू मेघ, सुखनवर हुसैन, आलोक वर्मा,अब्दुल जावेद नदीम, पीयूष कुमार, स्वराज्य करुण,अब्दुल सलाम कौसर, , मीसम हैदरी, इर्तिका हैदरी, सफदरजंग अली, आर.डी. अहिरवार, इमरान अब्बास, गिरधर वर्मा, यूशा और मिनेश साहू आदि शामिल थे ।सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन पीयूष कुमार ने और आभार प्रदर्शन आनंद बहादुर ने किया ।साहित्य प्रेमियों ने इस आयोजन की सराहना की ।
लोकमित्र समूह के वरिष्ठ सदस्यों ने बताया कि समूह द्वारा साहित्यिक -सांस्कृतिक आयोजन आगे भी किए जाते रहेंगे ।अगला कार्यक्रम एक माह बाद 25 जनवरी 2026 को होगा, जिसमें वसु गंधर्व के कविता -संग्रह ‘वीतरागÓका विमोचन किया जाएगा।
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