0 ईडी के अंतिम चालान में तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव का नाम जोड़ा
रायपुर, 29 दिसम्बर (आरएनएस)। शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 29 हजार 800 पन्नों की चार्जशीट पेश की, जिसमें आबकारी विभाग के तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव का नाम जोड़ा गया है। ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में उनका नाम शामिल नहीं था। हालांकि अब आशीष श्रीवास्तव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि सचिव कम आयुक्त आर संगीता के तीन जनवरी को छुट्टी से लौटने के बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा मामले में आरोपी बनाए गए 31 अधिकारियों के खाते को सीज कर दिया गया है। कुल 38.21 करोड़ रुपए की संपत्ति सीज की गई है। साथ ही उन अफसरों की खाते कार्रवाई में शामिल हैं। जिनकी पत्नियों के खाते में संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। बता दें कि ईओडब्ल्यू की चार्जशीट में 29 अफसर आरोपी बनाए गए थे। इनमें से 22 को 7 जुलाई 2025 को सस्पेंड कर दिया गया था। बाकी 7 रिटायर हो चुके हैं। हाल ही में आयुक्त निरंजन दास को भी गिरफ्तार किया गया है।
90 करोड़ की हुई बंदरबांट
ईडी ने जांच में पाया है कि शराब घोटाले में अफसरों को करीब 90 करोड़ रुपए बांटे गए। इसमें पूर्व आयुक्त निरंजन दास को 18 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई। इकबाल खान को 12 करोड़, नोहर सिंह ठाकुर को 11 करोड़, नवीन प्रताप सिंह तोमर को 6.7 करोड़, राजेश जायसवाल को 5.79 करोड़, अनिमेष नेताम को 5.28 करोड़ और दिनकर वासनिक, गंभीर सिंह, अरविंद पटले, आशीष कोसम, अनंत सिंह, सौरभ बक्शी, प्रकाश पाल, गरीबपाल सिंह, मोहित जायसवाल को 2 करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत दी गई। आशीष श्रीवास्तव को भी 54 लाख रुपए दिए जाने के सबूत ईडी को मिले हैं।
आय से अधिक संपत्ति का केस
अधिकतर अफसरों के पास आय से अधिक संपत्ति मिली है. इसलिए इन पर एक केस आय से अधिक संपत्ति का भी चलेगा. इन्हें यह बताना होगा कि इतनी संपत्ति कहां से आई. क्योंकि अधिकतर अफसरों का वेतन वर्तमान में 1 से 1.5 लाख रुपए महीने है. ऐसे में 20 साल की नौकरी में औसत एक करोड़ से अधिक वेतन नहीं पा सकते. जबकि कई अफसरों के पास 5 करोड़ से अधिक की संपत्ति -मिली है.
अफसरों की बहाली अब कोर्ट के फैसले के बाद ही संभव
सस्पेंड किए गए अफसरों को 50 प्रतिशत वेतन दिया जाता है. नियमानुसार 90 दिन में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है, तो वेतन 75 प्रतिशत कर दिया जाता है. लेकिन अब ईडी ने अपनी अंतिम चालान दाखिल कर दी है, ऐसे में इन अफसरों की बहाली का रास्ता भी बंद हो गया है। अब न्यायालय से निर्णय आने के बाद ही बहाली संभव हो पाएगी। इसमें से कुछ अफसर अगले एक-दो साल में रिटायर होने वाले हैं।
एसएस
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