दतिया 29 दिसंबर (आरएनएस)। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में आज सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा, सिविल सर्जन डॉ. के.सी. राठौर के साथ समस्त बीएमओ, सी.एच.ओ., दवा एवं आपूर्ति विभाग से संबंधित अधिकारी तथा संबंधित शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के कार्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, टीकाकरण अभियान, डेंगू और मलेरिया नियंत्रण की स्थिति, दवा उपलब्धता, जननी सुरक्षा, संस्थागत प्रसव एवं आयुष्मान भारत योजना की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री वानखड़े ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पतालों में स्वच्छता, मरीजों को मिलने वाली दवाओं की उपलब्धता, प्रसव सुविधाओं और एम्बुलेंस सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले की फील्ड विजिट सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपस्थिती तय की जाए।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए की हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली प्रसूताओं को चिन्हित कर उनके परिवारजनों को मां एवं बच्चे की जान के जोखिम के बारे में समझाइश दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर जांच और जनजागरूकता का कार्य करें। बैठक के दौरान टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में टीकाकरण प्रतिशत राज्य औसत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी लाने पर जोर दिया।बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि जिले की स्वास्थ्य सेवाएं तभी मजबूत बनेंगी जब हर स्तर पर जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए

