रायपुर, 30 दिसम्बर (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ में 4.50 लाख कर्मचारियों की तीन दिन की हड़ताल से दफ्तरों में काम काज पूरी तरह से ठप पड़ा है। बता दें कि 31 दिसंबर तक स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया है। हड़ताल के चलते एक ओर जहां दफ्तरों में सन्नाटा पसरा हुआ है तो वहीं स्कूलों को बंद करने की घोषणा से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी और अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले यह हड़ताल हो रहा है। बता दें कि फेडरेशन ने महंगाई भत्ता, चार स्तरीय वेतनमान, 300 दिन का अर्जित अवकाश नकदीकरण सहित 11 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
कर्मचारियों से की सहयोग की अपील
हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से फेडरेशन के पदाधिकारियों द्वारा 26 दिसंबर 2025 को जल संसाधन विभाग, वन विभाग, कृषि विभाग, तहसील कार्यालय, नगर निगम सहित विभिन्न शासकीय कार्यालयों में व्यापक जनसंपर्क किया गया। पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को हड़ताल के उद्देश्यों से अवगत कराते हुए इसमें सक्रिय सहभागिता का आग्रह किया। फेडरेशन ने 29 से 31 दिसंबर तक सभी कर्मचारियों से नेहरू चौक, बिलासपुर में स्थापित धरना पंडाल में उपस्थित होकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया है।
दफ्तरों में सन्नाटा
अधिकारी, कर्मचारियों के हड़ताल का असर बेमेतरा जिला मुख्यालय में दिख रहा है। कार्यालय की कुर्सी खाली है, एक भी कर्मचारियों के नहीं होने से कामकाज पूरी तरह से ठप पड़ा है। इधर अपने काम को लेकर दफ्तर पहुंचे लोग परेशान नजर आए। यह हाल सभी प्रमुख शहरों में है।
एसएस
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