भोपाल,30 दिसंबर (आरएनएस)।भोपाल शहर और आसपास के क्षेत्रों में चायनीज मांझा एक्सट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पतंगबाजी के दौरान चायनीज मांझा के 220 के.व्ही. और 132 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों पर फंसने के कारण पिछले 1 वर्ष में भोपाल क्षेत्र की चार महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनों पर व्यवधान हुआ। इससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है बल्कि ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुरक्षा पर भी सीधा असर पडने के साथ ही पतंग उड़ाने वाले के लिए भी यह घातक हो सकता है। मानव जीवन के साथ ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा के लिए एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा भोपाल में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें इसके खतरे और बचाव के उपायों के संबंध मे बताया जायेगा।
0-भोपाल में यह क्षेत्र हैं संवेदनशील -एम पी ट्रांसको भोपाल के कार्यपालन अभियंता रवि चौरसिया ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में भोपाल मे चीनी मांझे के कारण कई बार शहर की बेहद महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनों में व्यवधान आया है। भोपाल शहर क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 132 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइनों की दो बार ट्रिपिंग के साथ विद्युत दुर्घटनाओं की घटनाएँ भी सामने आई हैं। विशेष रूप से 220 के.व्ही. सूखी सेवनिया-भोपाल ट्रांसमिशन लाइन, संवेदनशील 132 के.व्ही. एम.ए.सी.टी.-मंडीदीप ट्रांसमिशन लाइन, 132 के.व्ही. भोपाल-लालघाटी ट्रांसमिशन लाइनों के नजदीक के इलाके जिनमें कलियाशोत, आनंद नगर, गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, करोंद, रतनपुर, देवकीनगर, नारियलखेड़ा जैसे इलाके शामिल है, चायनीज मांझे के कारण ट्रांसमिशन दुर्घटनाओं की दृष्टि से अत्यधिक संवेदनशील माने गए हैं।
0-चलाया जायेगा जागरूकता अभियान -रवि चौरसिया ने आगे जानकारी दी कि मकर संक्रांति के कारण पतंग ज्यादा संख्या में उड़ायी जाती है, इसलिये एम.पी. ट्रांसको द्वारा भोपाल शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके माध्यम से नागरिकों को ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास पतंग न उड़ाने, चायनीज मांझे का उपयोग न करने और विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। एम.पी. ट्रांसको ने नागरिकों से अपील की है कि ट्रांसमिशन लाइनों की सुरक्षा में सहयोग करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बड़े हादसे और व्यापक बिजली आपूर्ति बाधित होने का कारण बन सकती है।
क्यों है चायनीज मांझा ट्रांसमिशन सिस्टम के लिए खतरनाक -चायनीज मांझा ट्रांसमिशन लाइन के लिए इसलिए खतरनाक होता है कि यह धात्विक लेप युक्त होता है जो विद्युत का अच्छा चालक होता है। जब यह एक्स्ट्रा हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क में आता है तो लाइन ट्रिपिंग, फ्लैशओवर और शॉर्ट सर्किट जैसी स्थितियाँ बन जाती हैं। इससे इंसुलेटर, जम्पर और कंडक्टर जैसे संवेदनशील उपकरण क्षतिग्रस्त होते हैं और पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हो जाती है। साथ ही चायनीज मांझा ट्रांसमिशन प्रणाली के साथ-साथ आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।

