भोपाल,30 दिसंबर (आरएनएस)।सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 में देश को विकसित भारत बनाने के संकल्प के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में अभ्युदय मध्यप्रदेश की परिकल्पना के तहत सर्वांगीण विकास में एमएसएमई विभाग निर्णायक भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मीडिया से विकास और सेवा के 2 वर्ष पर संवाद करते हुए विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्षों में किए जाने वाले कार्यों और विकसित भारत के संकल्प की जानकारी दी।
मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि एमएसएमई को 5 हजार करोड़ की प्रोत्साहन सहायता के साथ ही 30 नवीन निजी क्लस्टरों और 22 नवीन ष्टशद्वद्वशठ्ठ स्नड्डष्द्बद्यद्बह्ल4 ष्टद्गठ्ठह्लद्गह्म् (ष्टस्नष्ट) की स्वीकृति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 6 हजार से अधिक विकसित औद्योगिक भू-खंड उपलब्ध कराना, 100 औद्योगिक क्षेत्रों में ष्टश्वञ्जक्क की स्थापना, औद्योगिक क्षेत्र विहीन 81 विधानसभा क्षेत्रों में औद्योगिक क्षेत्र का विकास, वर्तमान 6,000+ स्टार्टअप की संख्या को दोगुना यानि 12,000+ करना, 100 नवीन इन्क्युबेशन सेंटर की स्थापना, 1.5 लाख + स्व-सहायता समूहों का उद्यम पोर्टल अंतर्गत फार्मलाईजेशन, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर एवं उज्जैन में सब्सिडी युक्त प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर को-वर्किंग स्पेस की स्थापना, त्रढ्ढ टैगिंग के लिए 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें रजिस्टर कराना, स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30 हजार उद्यमियों को लाभान्वित कराना और इंदौर और जबलपुर की टेस्टिंग लैब का उन्नयन किए जाने का लक्ष्य है।
चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विकसित भारतञ्च2047 के लिए1 करोड़ उद्यम पंजीकृत और एमएसएमई स्थापित करने का प्रयास किया जायेगा। एमएसएमई द्वारा 2 करोड़ रोजगार सृजन करना, एमएसएमई के माध्यम से ?61,256 करोड़ का निवेश प्राप्त करना। 25 प्रतिशत महिला-नेतृत्व वाले एमएसएमई बनाना। 200+ एमएसएमई को एसएमई स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड करना जैसे कदम उठाए जाऐंगे। मंत्री श्री काश्यप ने बतया कि वर्तमान अधिसूचित 207 औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ाकर 1,000 करना। राज्य क्लस्टर योजना के अंतर्गत विकसित निजी क्लस्टरों की संख्या बढ़ाकर 150 करना। 10,000 हरित ऊर्जा वाले एमएसएमई की स्थापना। 50,000 से अधिक ष्ठक्कढ्ढढ्ढञ्ज मान्यता प्राप्त स्टार्टअप बनाना। 7,000 उत्पादन-आधारित स्टार्टअप स्थापित करना। स्व-रोजगार प्रदान करने का लक्ष्य: वित्तीय वर्ष 2046-47 में 3.90 लाख व्यक्ति और 1,00,000 जेडईडी प्रमाणित एमएसएमई स्थापित करने के लिए प्रयास करना शामिल है।
एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विभाग ने पिछले दिनों कई नवाचार किए हैं। औद्योगिक भू-खण्डों का आवंटन एवं प्रोत्साहन राशि के वितरण के लिए फेसलेस सरलीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया विकसित की गयी। भू-खण्डों का आवंटन एवं सहायता/सुविधा की स्वीकृति के लिए प्रत्येक चरण की समय सीमा का निर्धारण किया और ष्टस्नष्ट के लिये भूमि आवंटन नियम में ्रद्वद्गठ्ठद्बह्लद्बद्गह्य के रूप में भूमि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। शार्क टैंक इंडिया टीम के साथ अगस्त 2025 में स्टार्टअप्स के लिए देश में पहला विशेष कार्यक्रम किया गया तथा प्रथम बार गोविंदपुरा में बहुमंजिला औद्योगिक परिसर का विकास किया जा रहा है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि प्रदेश में 21.63 लाख पंजीकृत रूस्रूश्व हैं, जिनमें 4.50 लाख विनिर्माण इकाइयां लगभग 36 लाख रोजगार सृजित करती हैं। स्टार्टअप ईकोसिस्टम में 6000+ ष्ठक्कढ्ढढ्ढञ्ज-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप, 3,000+ महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप, 72 इनक्यूबेटर तथा ?100 करोड़ रूपये का समर्पित फंड शामिल हैं। प्रदेश में 181 संचालित औद्योगिक क्षेत्रों में 4,000+ हेक्टेयर भूमि तथा 2,100 से अधिक हेक्टेयर अविकसित शासकीय भूमि रियायती दरों पर उपलब्ध है। विभाग द्वारा प्रदेश में शासकीय भूमि के साथ-साथ निजी क्षेत्र के सहयोग से औद्योगिक क्षेत्रों का निरंतर विकास करते हुए निवेशकों को भू-खण्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि राज्य की केंद्रीय स्थिति, देश के 50 प्रतिशत बाजार तक सहज पहुंच, 8 हवाई अड्डे, 5 लाख किमी सड़क नेटवर्क तथा कांडला एवं छ्वहृक्कञ्ज बंदरगाहों की निकटता ने इसे भविष्य के लॉजिस्टिक्स व मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया है। 24म7 बिजली आपूर्ति, 1,000 रूष्टरू से अधिक जल आपूर्ति, राष्ट्रीय महत्व के शैक्षणिक संस्थान, ग्लोबल स्किल्स पार्क (भोपाल) एवं रूस्रूश्व टेक्नोलॉजी सेंटर कुशल कार्यबल सुनिश्चित करते हैं। मजबूत रूस्रूश्व आधार, तेज़ी से विस्तारित स्टार्टअप ईकोसिस्टम, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और उदार नीतिगत समर्थन के साथ मध्यप्रदेश दीर्घकालिक विकास की तलाश करने वाले उद्योगों के लिए भरोसेमंद औद्योगिक गंतव्य बन चुका है।
चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि विगत 2 वर्षों में कुल 4,865 इकाइयों को ऑनलाइन सिंगल क्लिक से 3,118.44 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। वर्ष 2019 से लंबित समस्त देयताओं का भुगतान सुनिश्चित किया गया है। औद्योगिक अधोसंरचना का विकास अंतर्गत्?14 औद्योगिक क्षेत्रों (1,296 भूखंड) का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ है। 41 औद्योगिक क्षेत्र (3,353 भूखंड) विकासाधीन, 26 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों (2,606 भूखंड) की स्वीकृति सहित औद्योगिक क्षेत्रों में उद्यमियों को 1,240 भू-खण्ड उपलब्ध कराए गए। 2019 से 2024 तक कुल 805 भूखंडों का आवंटन हुआ। उन्होंने बताया कि निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों (1,423 भूखंड) में से 12 का विकासकार्य पूर्ण (583 भूखंड) पूर्ण हुआ है।
मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रान्ति योजना में कुल लाभांवित युवाओं की संख्या 16 हजार 491 है। उन्हें ऋण राशि 1,134.27 करोड़ रूपये वितरित की गई है। कुल स्टार्टअप 6,344 में महिलाओं द्वारा संचालित 3,023, स्थापित इंक्यूबेटर 102 हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 2 वर्षों में स्टार्टअप की स्थापना 2,782, महिलाओं द्वारा संचालित 1,361 और स्थापित इंक्यूबेटर 34 एवं प्रदेश के सभी 55 जिलों में अधिमान्यं स्टार्टअप कार्यरत हैं। ्रद्यह्लद्गह्म्ठ्ठड्डह्लद्ग ढ्ढठ्ठ1द्गह्यह्लद्वद्गठ्ठह्ल स्नह्वठ्ठस्रह्य द्वारा प्रदेश के 3 स्टार्टअप में 12 करोड़ 89 लाख रूपये निवेश हुआ।
काश्यप ने बताया कि मध्यप्रदेश सूक्ष्म और लघु उद्यम फेसिलिटेशन काउंसिल मध्य प्रदेश में सूक्ष्म और लघु उद्योगों के विलंबित भुगतान विवादों के निपटान के लिए गठित काउंसिल ने जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक 2 वर्षों में कुल 20 बैठकों में 879 प्रकरणों की सुनवाई की, जिनमें से 411 प्रकरणों का निराकरण कर राशि 30 करोड़ 36 लाख से अधिक तीन गुना ब्याज अवॉर्ड पारित किए हैं। प्रकरणों की वर्चुअल सुनवाई व्यवस्था भी प्रारंभ की गई। मंत्री काश्यप ने बताया कि क्र्ररूक्क क्रड्डद्बह्यद्बठ्ठद्द ड्डठ्ठस्र ्रष्ष्द्गद्यद्गह्म्ड्डह्लद्बठ्ठद्द रूस्रूश्व क्कद्गह्म्द्घशह्म्द्वड्डठ्ठष्द्ग भारत सरकार की क्र्ररूक्क योजनान्तर्गत प्रदेश के 5 स्रूश्व को स्टॉक एक्सचेंज (ढ्ढक्कह्र) में सूचीबद्ध कराया गया। योजनान्तर्गत 130+ वर्कशॉप, 17 रैम्प जागरूकता कार्यशालाएं एवं 16 एक्सपोजर विजिट आयोजित की गई।
मंत्री काश्यप ने बताया कि भारत सरकार के उद्यम पोर्टल अनुसार विगत दो वर्ष में 2.34 लाख से अधिक पंजीकृत विनिर्माण एमएसएमई में 8,14,832 रोजगारों का सृजन हुआ है। ह्रष्ठह्रक्क के तहत ग्वालियर के स्टोन एवं छतरपुर के वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में त्रढ्ढ टैग प्राप्त किया है। त्र20 की क्च20 संगोष्ठी (दक्षिण अफ्रीका 2025) विभाग की पहल से विदिशा के कृषि उपकरण निर्माता ह्रष्ठह्रक्क ऊषा एग्रो, प्रवर्तक श्री मानस गुप्ता को आमंत्रित किया गया और ढ्ढढ्ढञ्जस्न नई दिल्ली में म.प्र. मण्डप को 2024 में विषयगत प्रस्तुति में स्वर्ण एवं 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये रजत पदक प्राप्त हुआ है।
मंत्री काश्यप ने इस वर्ष फरवरी में संपन्न हुई जीआईएस में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के बाद धरातल पर आई इकाईयों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने मध्यप्रदेश एमएसएमई विकास नीति 2025 और नवीन स्टार्टअप नीति की जानकारी भी विस्तार से दी। इस अवसर पर विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह और उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार भी उपस्थित थे।

