जौनपुर 7 जनवरी (आरएनएस )। महराजगंज क्षेत्र के सवंसा हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्री रामकथा महोत्सव के समापन के बाद हवन-यज्ञ और भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने आहुतियां डाली और प्रसाद ग्रहण किया। यज्ञाचार्य पुजारी श्याम शंकर उपाध्याय ने बताया कि हवन-यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और आत्मिक शक्ति मिलती है। धर्म से जुड़े सत्कर्म व्यक्ति को जीवन में उन्नति की ओर ले जाते हैं। धार्मिक आस्था बढ़ती है, जो सद्गुणों के द्वार खुलते हैं। देवता प्रसन्न होकर मनोवांछित फल देते हैं। प्रसाद का महत्व भी बताया। उन्होंने कहा कि प्रसाद तीन अक्षरों से बना है। प्र का अर्थ प्रभु, सा का अर्थ साक्षात और द का अर्थ दर्शन होता है। यही प्रसाद कहलाता है। हर अनुष्ठान का तत्व सार मन, बुद्धि और चित्त को निर्मल करता है। मनुष्य शरीर भी भगवान का दिया हुआ श्रेष्ठ प्रसाद है। प्रसाद का अपमान भगवान का अपमान होता है। भगवान को अर्पित भोग का शेष भाग ही प्रसाद बनता है। हवन में आयोजक भाजपा पूर्व अध्यक्ष यादवेंद्र प्रताप सिंह, शिव प्रताप, आशु, आशीष, सूरज, सुरजीत सिंह, बंगाली, अमर पाल परिजनों सहित यज्ञ में आहुति दी। हवन के बाद भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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