-राहगीर परेशान, अधिकारी अंजान
सिद्धौर, बाराबंकी 7 जनवरी (आरएनएस)। दो दशक पहले पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के समय में सिद्धौर ब्लॉक क्षेत्र में कई सड़कों का मंडी समिति से निर्माण हुआ था। उस समय से अब तक दोबारा मरम्मतीकरण व निर्माण कार्य नहीं होने से यह सड़कें दुखदाई बन गई है। सड़क का तारकोल, डामर बजरी उखाड़ इधर-उधर बिखरी हुई है। उसके बोल्डर जमीन के सतह के ऊपर आ गए। यूं कहे यह सड़क कच्ची चकमार्ग से बद्तर है। ऐसी छोटी-बड़ी करीब 18 किलोमीटर लंबी 15 सड़कें हैं। जो कि पूरी तरह से जर्जर है। जिसमे अज्जौवा उस्मानपुर गांव बीच स्थित 300 मीटर लंबी सड़क है। दो विधानसभाओं जैदपुर व हैदरगढ़ को जोड़ती है। यह करीब 14 साल से जर्जर है। स्थानीय निवासी शेर बहादुर, ललित रावत, राजाराम, कमल सिंह पटेल, धीरेंद्र सिंह पटेल, गणेश वर्मा, विनोद सिंह व दिनेश शर्मा आदि का कहना है कि इसके मरम्मत व निर्माण की मांग पर सुनवाई नहीं है। उनका कहना है कि बिखरी गिट्टी व जमीन से उभरे बोल्डर से वाहनों के टायर पंचर होते हैं। उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ समय बर्बादी होती है। लेकिन समस्या का समाधान नहीं है। सड़क पूरी तरह कच्चे चकमार्ग में तब्दील है। इसी तरह क्षेत्र के न्यौछना, साल्हाभारी, कन्हावापुर, बम्हौरालोधी और लोधपुरवा गांवों को जोडऩे वाली मंडी समिति की सड़कें जर्जर है। गड्ढा युक्त इन सड़कों से लोग परेशान है। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के क्षेत्रीय अवर अभियंता सिद्धौर प्रबोद कुमार मिश्र ने बताया कि करीब बीस साल पहले यानि पूर्व सीएम राजनाथ सिंह के समय की बनी करीब 18 किलोमीटर लंबी 15 सड़कें जर्जर है। उनके अनुसार पीडब्ल्यूडी विभाग के अधीन क्षेत्र में कोई सड़क जर्जर नहीं हैं।
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