अयोध्या 8 जनवरी (आरएनएस)। मानवता और संवेदना का एक अनूठा उदाहरण अयोध्या जिला चिकित्सालय में देखने को मिला, जहां एक फार्मासिस्ट ने वरिष्ठ पत्रकार की जान बचाने के लिए स्वेच्छा से रक्तदान किया। यह घटना उस समय हुई जब अस्पताल में खून की तत्काल जरूरत महसूस की गई। वरिष्ठ पत्रकार विनय सिन्हा, जो पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता जगत में सक्रिय हैं और अपनी निष्पक्ष रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ दिनों से पैंक्रियाज की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। उनकी हालत बिगडऩे के कारण उन्हें अयोध्या जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी बॉडी में हीमोग्लोबिन और रक्त की मात्रा काफी कम हो गई। इसी बीच अस्पताल के फार्मासिस्ट संजय गुप्ता ने स्थिति को समझा और बिना किसी संकोच के आगे आए। कहा विनय सिन्हा के लेखन और सामाजिक कार्यों से काफी प्रभावित थे। जब किसी की जान खतरे में हो, तो छोटी-मोटी बातें मायने नहीं रखतीं। यह हमारा फर्ज है कि हम मदद करें। संजय गुप्ता के इस नेक कदम से न केवल विनय सिन्हा की जान बची, बल्कि अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और स्टाफ में भी इंसानियत की एक नई मिसाल स्थापित हुई। डॉक्टरों ने बताया कि रक्तदान के बाद विनय सिन्हा की हालत में सुधार देखा जा रहा है और वे जल्द स्वस्थ होकर वापस लौटेंगे। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जाति, धर्म या पद से ऊपर उठकर इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। संजय गुप्ता जैसे लोग समाज में ऐसी मिसालें पेश कर रहे हैं, जो हमें उम्मीद देती हैं कि अच्छाई अभी भी जिंदा है।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

