-वर्ष 2024 में परीक्षा न दे पाए छात्र-छात्राओं को दिया जाएगा एक और मौक़ा
अयोध्या 8 जनवरी (आरएनएस)। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य प्रशासनिक सभागार में परीक्षा समिति की बैठक में एनईपी पाठ्यक्रम को लेकर कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह सिंह की अध्यक्षता में अहम निर्णय लिए। निर्णय के क्रम में प्रमुख रूप से वर्ष 2024 में परीक्षा न दे पाए छात्र-छात्राओं को एक और मौक़ा दिया जाएगा। इस बैठक में कुल 38 शोधार्थियों की सूची के अनुमोदित की गई। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय के एनईपी पाठ्यक्रमों के एक वर्ष के दोनों सेमेस्टरों का एक अंक-पत्र मुद्रित किया जाएगा। वार्षिक पाठ्यक्रम के अंतर्गत स्नातक स्तर पर वर्ष 2024 तक पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुके छात्र-छात्राओं को पुन: मौका मिलेगा जो पर्यावरण अध्ययन या राष्ट्र गौरव विषय की परीक्षा नहीं दे पाए थे। विश्वविद्यालय ऐसे छात्रों के लिए उक्त विषयों की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित कराएगा। वर्ष 2024 तक पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुके बीएससी पाठ्यक्रम के ऐसे छात्र-छात्रा जो फाउडेसन कोर्स विषय की परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाए उन्हें पुन: मौका मिलेगा। विश्वविद्यालयीय केन्द्रीय मूल्यांकन हेतु वरिष्ठ शिक्षकों को पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एनईपी पाठ्यक्रम के अन्तर्गत स्नातक स्तर पर प्रथम वर्ष तथा द्वितीय वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण कर पाठ्यक्रम छोडऩे वाले छात्र-छात्राओं को निर्गत किये जाने पर कमश: ‘सर्टिफिकेटÓ तथा ‘डिप्लोमाÓ के प्रारूप अनुमोदित किये जाएँगे। बैठक में कुलसचिव विनय कुमार सिंह, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. शैलेंद्र कुमार, उपकुलसचिव डॉ. एके गौतम, डॉ. रीमा श्रीवास्तव, डॉ. पीके द्विवेदी, प्रोग्रामर रवि मालवीय, गिरीश पंत, संजय सिंह आदि उपस्थित रहे।
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