जौनपुर,10 जनवरी (आरएनएस)। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा जनपद जौनपुर के प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस नए अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश वर्ग के जीवन में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन आएगा।प्रेस वार्ता में ए.के. शर्मा ने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करने, ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले पलायन को रोकने और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की ग्रामीण समाज के प्रति संवेदनशीलता और उनकी बेहतरी के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि बेरोजगारी भत्ता अब एक वास्तविक, प्रभावी और कानूनी अधिकार के रूप में सुनिश्चित किया गया है। पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम में अनेक जटिल शर्तों के कारण बेरोजगारी भत्ता प्राप्त कर पाना लगभग असंभव था, जबकि नए अधिनियम में सभी अनावश्यक प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है। अब यदि किसी श्रमिक द्वारा कार्य की मांग किए जाने पर निर्धारित समयावधि में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो बेरोजगारी भत्ता स्वत: देय होगा।ए.के. शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यदि किसी भी कारण से मजदूरी भुगतान में विलंब होता है, तो प्रत्येक विलंबित दिन के लिए निर्धारित मुआवजा मजदूरी के साथ श्रमिक को दिया जाएगा। इससे श्रमिकों के शोषण पर प्रभावी रोक लगेगी और उन्हें उनके परिश्रम का पूरा और समय पर प्रतिफल मिलेगा।प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत विकास कार्यों की योजना अब ग्राम स्तर पर ही तय की जाएगी। किसी भी योजना को ऊपर से थोपने की व्यवस्था नहीं होगी। ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य होगी। इससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का चयन संभव होगा और गांवों का समग्र, संतुलित और टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसरों का विस्तार करने और सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त गांवों के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य सीमा द्विवेदी, खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू, जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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