मुंबई ,18 जनवरी (आरएनएस)। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्म को ब्रह्मांड का चालक बताया। उन्होंने कहा भारत की आध्यात्मिक विरासत अद्वितीय है और यही उसकी वैश्विक पहचान का आधार है। जब तक धर्म भारत का मार्गदर्शन करता रहेगा, देश विश्वगुरु बना रहेगा।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि जब तक धर्म भारत का मार्गदर्शन करता रहेगा, देश विश्वगुरु बना रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के पास जो आध्यात्मिक ज्ञान है, वह दुनिया में कहीं और उपलब्ध नहीं है, क्योंकि अन्य जगहों पर आध्यात्मिकता की कमी है।
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि धर्म पूरे ब्रह्मांड का चालक है और सृष्टि का हर काम इसी सिद्धांत पर चलता है। उन्होंने कहा कि भारत को अपने पूर्वजों, संतों और ऋषियों से एक समृद्ध आध्यात्मिक विरासत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए संघ प्रमुख ने कहा, चाहे वह नरेंद्र भाई हों, मैं हूं, आप हों या कोई और, हम सभी को चलाने वाली एक ही शक्ति है। अगर गाड़ी उस शक्ति से चलाई जाती है, तो कभी कोई दुर्घटना नहीं होगी। वह चालक धर्म ही है।
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