भोपाल 20 जनवरी (आरएनएस)।मध्यप्रदेश में 16 फरवरी से बजट सत्र की शुरूआत होने जा रही है। जिसकी तैयारियों में वित्त विभाग जुट गया है। इसके लिए वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिसमें विभाग ने स्पष्ट किया है कि 31 मार्च से पहले अफसरों के लिए नए वाहन, दफ्तर में एसी और फर्नीचर समेत अन्य उपकरण खरीदने के लिए किसी भी प्रकार का बजट आवंटन नहीं किया जाएगा।
वित्त विभाग के द्वारा सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष के तीसरे अनुपूरक बजट में इस तरह के मामलों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव नहीं भेजा जाए।
वित्त विभाग के मुताबिक, अगले महीने से विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हो रही है। जिसमें साल 2026-27 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। राज्य सरकार के द्वारा बजट बनाने की प्रक्रिया जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर की गई है। जिसमें सभी बिंदुओं को समीक्षा के बाद ही प्रावधान किया जाएगा।
वित्त विभाग की ओर से 23 जनवरी 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से प्रस्ताव लिए जाएंगे। साथ ही विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट से संबंधित सभी प्रस्ताव पहले प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन के बाद ही भेजे जाएं।
विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट से संबंधित सभी प्रस्ताव पहले संबंधित प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन के बाद ही भेजे जाएं। प्रस्ताव में योजना का सेगमेंट कोड और नाम स्पष्ट रूप से उल्लेखित करना अनिवार्य होगा।
इसके अलावा जिन बजट मदों में केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त होनी है, वहां केंद्र से मिलने वाली राशि की पूरी जानकारी देना जरूरी होगा, चाहे वह अनुदान हो या ऋण के रूप में। यदि किसी मद के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है, तो उसके साथ अनुदान संख्या और संबंधित वित्तीय विवरण भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे।
इन प्रस्तावों को ही किया जाएगा स्वीकार-जिन कामों के लिए राज्य की आकस्मिक निधि से एडवांस स्वीकृत किया गया है।
ऐसे प्रस्ताव जिसके लिए विभागों ने वित्त विभाग से चर्चा की है और जिनके लिए वित्त विभाग द्वारा सहमति दी गई है।
जिनके लिए भारत सरकार या अन्य एजेंसी से वित्तीय सहायता या केंद्रांश स्वीकृत किया गया हो और जो मौजूदा बजट मद से अलग नहीं की जा सकती हो।
जिसके लिए अतिरिक्त संसाधन की व्यवस्था प्रशासकीय विभाग अन्य योजनाओं में उपलब्ध राशि से कटौती कर बचत राशि से नहीं कर पाएंगे।
विशेष पूंजीगत सहायता योजना में जिन विभागों द्वारा भारत सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं या भेजना है उसके अंतर्गत अलग से बजट लाइन खोलने की आवश्यकता हो तो प्रतीक प्रावधान से अलग से बजट लाइन खोलने के लिए अनुपूरक प्रस्ताव दिया जा सकेगा।
विशेष पूंजीगत सहायता योजना में भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त कार्यों में यदि अलग से अतिरिक्त बजट की जरूरत हो तथा अन्य योजनाओं से बचत की पूर्ति किया जाना संभव नहीं हो।

