राजनांदगांव 15 जून (आरएनएस) अपराध पर नियंत्रण केवल कानून के दम पर नहीं, बल्कि समाज को साथ लेकर ही संभव है। इसी सोच को साकार करते हुए राजनांदगांव पुलिस ने “पहल” नामक अभिनव जन-केंद्रित अभियान की शुरुआत की है। यह पहल केवल पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक भागीदारी और युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का एक व्यापक प्रयास है। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप दे दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने किया शुभारंभ, हजारों लोग बने साक्षी
15 जून को पुलिस लाइन राजनांदगांव में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया। कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडेय, जिले के विधायक, महापौर मधुसूदन यादव सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। करीब 2600 लोगों की भागीदारी ने इस पहल को ऐतिहासिक बना दिया।
पहल रीडिंग रूम’ से गरीब विद्यार्थियों को मिलेगा नया आसमान
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण घोषणा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ‘पहल रीडिंग रूम’ की शुरुआत रही। झुग्गी-बस्तियों, अटल आवास कॉलोनियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के लिए शांत, सुरक्षित और प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनेगी, जो संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देख रहे हैं।
अपराध प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मिलेगा नई पहचान का अवसर
पुलिस ने विशेष रूप से चिखली, लाखोली, डोंगरगढ़, सोमनी, डोंगरगांव, छुरिया और अटल आवास क्षेत्रों के युवाओं को इस अभियान से जोड़ा है। उद्देश्य यह है कि जिन इलाकों में कभी अपराधी युवाओं के रोल मॉडल बन जाते थे, वहां अब शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और जनसेवा करने वाले युवा नई प्रेरणा बनें।
164 अपराधमुक्त गांवों को मिला सम्मान, शुरू हुआ वृक्षारोपण अभियान
वर्ष 2024, 2025 और 2026 में अपराधमुक्त रहे 164 गांवों के सम्मान में पुलिस लाइन और संबंधित थाना परिसरों में वृक्षारोपण किया गया। यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश नहीं, बल्कि अपराधमुक्त समाज के निर्माण में जनसहयोग का सम्मान भी है।
कोटवार सम्मेलन से मजबूत होगा ग्रामीण सूचना तंत्र
कार्यक्रम में 550 कोटवारों का सम्मेलन आयोजित किया गया। साथ ही अपराधमुक्त गांवों के सरपंचों, पटेलों और ग्राम प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। इसका उद्देश्य पुलिस और ग्रामीण समाज के बीच बेहतर संवाद तथा सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाना है।

प्रतियोगी युवाओं को मिला मार्गदर्शन और नई ऊर्जा
करीब 1000 प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरक सत्र, कैरियर मार्गदर्शन और पुस्तक वितरण का आयोजन किया गया। पुलिस ने घोषणा की कि अब पुलिस लाइन में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 10 बजे तक निःशुल्क कोचिंग संचालित होगी, जिसमें नव नियुक्त उप निरीक्षक और विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देंगे।
1000 यातायात मित्रों की ताकत, 111 गुड समैरिटन्स का सम्मान
कार्यक्रम में 500 से अधिक यातायात मित्र शामिल हुए, जो सड़क दुर्घटनाओं के दौरान गोल्डन ऑवर में घायलों की मदद करने और पुलिस को तत्काल सूचना देने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं वर्ष 2025 के 111 गुड समैरिटन्स को सम्मानित कर उनकी मानवीय संवेदनशीलता और साहस को सलाम किया गया।
अब पुलिस अधिकारी बनेंगे विद्यार्थियों के मेंटर
‘पहल मेंटरशिप प्रोग्राम’ के तहत जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ अधिकारी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के मार्गदर्शक बनेंगे। यह पहल विद्यार्थियों को सही दिशा, प्रेरणा और निरंतर सहयोग प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
राजनांदगांव पुलिस की “पहल” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोच बदलने का अभियान है। जब पुलिस अपराध रोकने के साथ-साथ किताब, कलम और करियर का रास्ता भी दिखाने लगे, तब समाज में बदलाव केवल दिखाई नहीं देता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य में दर्ज हो जाता है। यदि यह मॉडल निरंतर आगे बढ़ा, तो राजनांदगांव की पहचान केवल कानून व्यवस्था से नहीं, बल्कि शिक्षा, जनभागीदारी और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन की मिसाल के रूप में होगी।

