डिंडौरी 20 जनवरी (आरएनएस)।डिंडौरी जिले ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत संचालित नवाचार अभियान के तहत जिले में एक ही दिन में 48,000 से अधिक बालिकाओं एवं महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया। इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए ्रह्यद्बड्ड क्चशशद्म शद्घ क्रद्गष्शह्म्स्रह्य एवं ढ्ढठ्ठस्रद्बड्ड क्चशशद्म शद्घ क्रद्गष्शह्म्स्रह्य—दोनों में जिला डिंडौरी का नाम दर्ज किया गया है। जिले के नो-नेटवर्क क्षेत्रों में किए गए परीक्षणों का डिजिटल डाटा अभी अपलोड होना शेष है। प्रारंभिक आंकलन के अनुसार कुल हीमोग्लोबिन परीक्षणों की संख्या 50,000 से अधिक रही है। इससे यह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
डिंडोरी जिले के 620 विद्यालयों एवं 9 महाविद्यालयों में आयोजित किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों एवं महिलाओं में एनीमिया की समय पर पहचान, पोषण स्तर में सुधार तथा दीर्घकालिक स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण के माध्यम से उनके समग्र सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
अभियान में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जनजातीय कार्य विभाग की सक्रिय और समन्वित सहभागिता रही। बड़ी संख्या में बालिकाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर अपने हीमोग्लोबिन स्तर की जानकारी प्राप्त की, जिससे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
नवाचार को मिली इस ऐतिहासिक उपलब्धि की जानकारी साझा करने के लिए कन्या शिक्षा परिसर, रयपुरा (डिंडौरी) में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि यह रिकॉर्ड केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि जिले की बालिकाओं एवं महिलाओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसे समय पर जांच, जागरूकता एवं पोषण प्रबंधन के माध्यम से नियंत्रित किया जा सकता है। डिंडौरी जिले ने यह सिद्ध कर दिया है कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में भी नवाचार, समर्पण और मजबूत प्रशासनिक समन्वय से असाधारण उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ्रह्यद्बड्ड क्चशशद्म शद्घ क्रद्गष्शह्म्स्रह्य एवं ढ्ढठ्ठस्रद्बड्ड क्चशशद्म शद्घ क्रद्गष्शह्म्स्रह्य की ओर से उपस्थित श्री भानु प्रताप सिंह ने रिकॉर्ड का औपचारिक सत्यापन किया। उन्होंने बताया कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में हीमोग्लोबिन परीक्षण किया जाना एक असाधारण उपलब्धि है, जिसे अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड प्रोटोकॉल के अनुरूप प्रमाणित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों रिकॉर्ड संस्थाएं क्रहृढ्ढ (क्रद्गद्दद्बह्यह्लह्म्ड्डह्म् शद्घ हृद्ग2ह्यश्चड्डश्चद्गह्म्ह्य द्घशह्म् ढ्ढठ्ठस्रद्बड्ड), भारत सरकार में पंजीकृत प्रतिष्ठित संस्थाएं हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर डिंडौरी की कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित संपूर्ण जिला प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में महिला स्वास्थ्य, जागरूकता और सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

