जिला मत्स्य अधिकारी ने किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से किया जासगरूक
मसौली, बाराबंकी 8 फरवरी (आरएनएस)। मछली पालन (मत्स्य पालन) किसानों के लिए कम लागत और उच्च मुनाफे वाला एक बेहतरीन व्यवसाय बन गया है, जिससे कई किसान पारंपरिक खेती छोड़कर समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से 40-50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलने से यह और अधिक लोकप्रिय हो रहा है। उक्त विचार रविवार को ग्राम पंचायत बांसा निवासी खालिक अंसारी द्वारा करीब 4 एकड़ भूमि पर शुरु किये गये मत्स्य पालन फार्म का उद्घाटन करते हुए जिला मत्स्य अधिकारी अच्छेलाल निषाद ने कही। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से आजीविका के नए अवसर खुल रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी योजना के तहत ग्राम पंचायत बांसा के निवासी खालिक अंसारी ने अपनी 4 एकड़ भूमि का सदुपयोग करते हुए बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण कराया है। यह तालाब पूर्णत: वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है, जिसमें जल की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए बायोफ्लॉक शीट, ऑक्सीजन मशीन, सबमर्सिबल पंप और जनरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएँ लगाई गई हैं। क्षेत्र मे मछली पालन के प्रति क्रांति लाने वाले मछली चिकित्सक डा0 सुरेश कुमार ने कहा कि मत्स्य पालन क्षेत्र में नीली क्रांति लाने के लिए शुरू की गई एक योजना है, जिसका उद्देश्य उत्पादन बढ़ाना, निर्यात को दोगुना करना और रोजगार पैदा करना है। बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन कर अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में किसान सार्थक योगदान दे रहे हैं। इस मौक़े पर एबिश फिश कम्पनी के रिजिनल मैनेजर राजेश मिश्रा, रंजन कुमार,हिमांशु ,ब्रजेश कुमार मत्स्य पाल समाजसेवी मतलूब अंसारी, विधायक प्रतिनिधि रिजवान संजय, प्रधान मुबीन सिकंदर, अनिल वर्मा, इरशाद अंसारी, कामिल खान, इमरान किदवई, इरशाद मलिक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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